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प्रयागराजः मेरी लूकस में प्रधानाचार्या डॉ. एलआर एंथोनी का इस्तीफा

Fri, 12 Apr 2019 01:30 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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इस्तीफा
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चार दिन से शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर धरने पर बैठे शिक्षकों की मांग के आगे आखिरकार मेरी लूकस स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. एलआर एंथोनी ने इस्तीफा दे दिया। प्रधानाचार्या के इस्तीफा देने के बाद भी स्कूल के शिक्षकों का आंदोलन बृहस्पतिवार शाम तक जारी रहा। शिक्षकों का कहना है कि प्रधानाचार्या के हटने के बाद स्कूल का नया प्रधानाचार्य स्कूल के किसी शिक्षक को बनाया जाए। शिक्षकों की इस मांग को डायसिस ऑफ लखनऊ के बिशप पीटर बलदेव ने ठुकरा दिया। बिशप का कहना था कि प्रधानाचार्य का चुनाव स्कूल की प्रबंधन कमेटी करेगी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अब विद्यालय में पठन-पाठन बाधित करने वाले शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।
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बृहस्पतिवार को दिन में स्कूल प्रबंधन कमेटी के प्रमुख एवं डायसिस ऑफ लखनऊ के बिशपन पीटर बलदेव आंदोलनकारी शिक्षकों से वार्ता करने पहुंचे। शिक्षकों से उनकी बातचीत के दौरान प्रधानाचार्या डॉ. एलआर एंथोनी ने स्कूल की भलाई में बिशप के सामने अपना त्यागपत्र दे दिया। बिशप ने प्रधानाचार्या का प्रस्ताव स्वीकार करते हुए शिक्षकों से स्कूल और छात्रों के हित में अपना आंदोलन वापस लेने को कहा। बिशप के आंदोलन खत्म करने का सुझाव शिक्षकों-कर्मचारियों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नील ल्यूक ने अस्वीकार कर दिया। बिशप ने कहा कि नील ल्यूक स्वयं प्रधानाचार्य बनना चाह रहे हैं। बिशप ने कहा कि नील ल्यूक स्कूल में पीटीआई हैं, उनके पास प्रधानाचार्य बनने की योग्यता नहीं है। वह स्कूल में लगातार हंगामा करते रहते हैं, ऐसे में उन्हें किसी भी हालत में प्रधानाचार्य नहीं बनाया जाएगा।

बिशप पीटर बलदेव का कहना है कि प्रधानाचार्य स्कूल के बाहर से हो सकता है, इसके लिए प्रबंधन कमेटी की बैठक करके नए प्रधानाचार्य का चुनाव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब यदि शिक्षक कर्मचारी नहीं माने तो उन्हें हटाकर नए शिक्षकों की नियुक्ति कर शिक्षण कार्य शुरू करेंगे। शिक्षकों की नाजायज मांग के आगे अब नहीं झुकेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यालय में लगातार हंगामे के चलते अभिभावकों एवं बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। अब वह स्कूल की छवि बचाने केलिए आंदोलनकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति की मंशा पूरी करने के लिए पूरे विद्यालय को खत्म नहीं होने देंगे।  
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