ऐसे बदली व्यवस्था, दिखने लगा परिणाम
एडीसीपी अपराध सतीश चंद्र ने बताया कि प्रभावी अभियाेजन के लिए तमाम पहल की गईं। इसके लिए मॉनिटरिंग सेल का गठन हुआ। सेल के सदस्य यह सुनिश्चित करते हैं कि चिह्नित मुकदमों में प्रभावी पैरवी में कोई कमी न रह जाए। चिह्नित मुकदमों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग होती है और सेल के कर्मचारी सुनवाई की तिथि आते ही संबंधित थाने को सूचित करते हैं। यही नहीं सेल में तैनात कर्मचारी यह भी पता लगाते हैं कि संबंधित कोर्ट में पैरवी की गई या नहीं। गवाही होनी है तो गवाह हाजिर हुआ या नहीं। इससे थाना पुलिस भी पैरवी को लेकर अलर्ट रहती है।
किसे कितनी सजा
27 मुकदमों में 39 अभियुक्तों को आजीवन कारावास
दो मुकदमों में दो अभियुक्तों को 20 साल की सजा
12 मुकदमों में 14 अभियुक्तों को 10 साल की सजा
12 मुकदमों में 17 अभियुक्तों को पांच से नौ साल की सजा
139 मुकदमों में 174 अभियुक्तों को दो से पांच वर्ष की सजा