एआईसीआईसी सदस्य और पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी मंत्रिमंडल में बने रहने का अधिकारी खो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए। लखीमपुर खीरी में किसानों का नरसंहार किया गया है। इस घटना से जलियांवाला बाग हत्याकांड की याद ताजा कर दी है। तिवारी शुक्रवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों के साथ की गई बर्बरता को इतिहास कभी नहीं भूल सकेगा। यह घटना केंद्र सरकार की किसानों के प्रति नजरिया को प्रदर्शित करता है। इतनी बड़ी घटना के बाद भी न तो मंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया गया और न ही उनके पुत्र को गिरफ्तार किया जा सका है। यह कोई मामूली घटना नहीं है। विपक्ष के नेताओं को रोकने और गिरफ्तार करने की भी उन्होंने कड़ी निंदा की।
कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक मंत्री को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। जितनी भी जांच एजेंसियां विवेचना कर रही हैं वह सब गृह मंत्रालय के अधीन आती हैं। निष्पक्ष जांच हो ही नहीं सकती है।