लॉकडाउन के दौरान जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बड़े अस्पतालों को संचालित करने की छूट दी जाएगी, इसके लिए उनके चिकित्सकों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। जबकि, छोटे अस्पताल व क्लीनिकों के संचालकों में सीएमओ के इस नए फरमान से रोष है।
शनिवार को एएमए के सभागार में शहर के 60 बड़े अस्पतालों के संचालकों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण देने के लिए संयुक्त निदेशक आईडीएसपी डॉ. आशु पांडेय, कॉल्विन अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. शक्ति बसु ने कोविड-19 के बचाव एवं अस्पतालों के संक्रमण सुरक्षा एवं जैव चिकित्सकीय अपशिष्ठ प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। अध्यक्षता सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी ने की। यूपी नर्सिंगहोम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा ने टेलीमेडिसिन एवं फोन कंसल्टेशन पर जोर दिया।
उधर, छोटे क्लीनिक संचालकों का कहना है कि सीएमओ का यह फरमान गलत है। क्लीनिक संचालकों का कहना है कि उन्हें भी प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। उनके द्वारा भी मरीजों का उपचार किया जा रहा था। कई क्लीनिक संचालकों का कहना है कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने दीक्षा एप भी शुरू किया है। वह आसान है। उससे निजी चिकित्सक आसानी से प्रशिक्षित भी हो सकते हैं और प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उस पर क्लीनिक, अस्पताल संचालन का सर्टिफिकेट भी जारी हो जाता है।