करछना में सूरज गुप्ता का सिर काट कर शव जलाने के मामले में गिरफ्तार फिरोज अहमद ने पुलिस से बचने के लिए हुलिया बदल लिया था। वह गले में रुद्राक्ष की मालाएं और गेरुआ कपड़े पहनकर फरारी काट रहा था। मंगलवार को उसका रिमांड बनवाया गया। फिलहाल उसका इलाज एसआरएन अस्पताल में चल रहा है। पचदेवरा, करछना निवासी फिरोज एक दिन पहले मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हुआ था।
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपी ने पुलिस को चकमा देने के लिए हुलिया बदल लिया था। वह गले में दो-दो रुद्राक्ष की मालाएं व गेरुआ कपड़े पहनकर घूमता था। उसने अपनी डाढ़ी कटवाने के साथ ही सिर भी मुड़वा लिया था। पूछताछ में उसने बताया कि उसने धड़ से अलग करने के बाद मृतक का सिर रेलवे ट्रैक के दूसरी ओर स्थित नहर में फेंक दिया था। बुधवार को एक बार फिर से सिर की तलाश की जाएगी।
पुलिस के सामने धरी रह गई प्लानिंग
फिरोज ने पुलिस को गुमराह करने की पूरी प्लानिंग की थी। सिर ही नहीं, मृतक का प्राइवेट पार्ट भी काटकर फेंक दिया था। लोग उसे मृतक समझें, इसके लिए शव के पास ही अपना पर्स छोड़ दिया। जिसमें उसका ड्राइविंग लाइसेंस भी था। हालांकि सीओ करछना अजीत सिंह चौहान व उनकी टीम ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए जांच पड़ताल की, तो उसकी प्लानिंग फेल हो गई। दरअसल आरोपी ने हत्या से पहले बहाने से मृतक को नया लोवर और टीशर्ट पहना दिया था। लेकिन मृतक सूरज ने एक हाफ पैंट भी पहन रखी थी, जिस पर उसका ध्यान नहीं गया। इस पैंट में ही एक कागज था, जिसमें कई मोबाइल नंबर लिखे थे जिनमें से एक मृतक के भाई का था।
मोबाइल से संपर्क करने पर हुलिया बताया गया तो मृतक की शिनाख्त हुई। मौके पर मिले ड्राइविंग लाइसेंस से पुलिस फिरोज के घर पहुंची तो पता चला कि वह जिंदा है और रात से ही गायब है, जिसके बाद उस पर शक गहरा गया। उसकी पत्नी नजमा से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने पति के खून से सने कपड़े व जूते बरामद कराए और फिर घटना का खुलासा हुआ। एसपी यमुनापार सौरभ दीक्षित ने बताया कि हत्या में फिरोज की पत्नी नजमा व साथी शमशेर पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। एक अन्य अभियुक्त शिवबाबू की तलाश की जा रही है।