बस अड्डों और स्टेशन पर विशेष चौकसी
घुमंतू लोगों में भी ऐसे लोग, जिनका व्यवहार कुछ असामान्य हो। पुलिस असामान्य व्यवहार वालों को ही साइको किलर गैंग मान रही है। यह भी माना जा रहा है कि अगर साइको किलर गिरोह ने घटना को अंजाम दिया है तो वे घटना के बाद भागकर स्टेशन या बस अड्डों के पास ही गए होंगे। अगर वे लगातार घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं तो वे यहीं कहीं रह रहे हैं। एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि सभी छोटे बड़े स्टेशनों और बस अड्डों पर नजर रखी जा रही है। सादे वेष में सिपाहियों को तैनात किया गया है।
दूसरी ओर अन्य बिंदुओं पर भी जांच जारी है। मंगलवार को भी पुलिस के अधिकारियों ने घर वालों और वालों से हत्याकांड के संबंध में पूछताछ की। उनसे पूछा गया कि घटना से एक दो दिन पहले क्या कुछ नए चेहरे गांव या आस पास देखे गए। आस पास के चाय पान के दुकानदारों से भी पुलिस ने पूछताछ की। घर वालों ने जिन पर शक जताया है, उनसे भी पुलिस पड़ताल कर रही है। घटना वाली रात उनकी लोकेशन, विवाद तथा अन्य बिंदुओं पर छानबीन जारी है। हत्याकांड के खुलासे के लिए सात टीमें तो लगाई ही गई हैं, जिले के सभी तेज तर्रार दरोगाओं और थानेदारों से खुलासे में काम करने को कहा गया है।
शासन ने 2015 के बाद सामूहिक हत्याकांडों की सूची तलब की
थरवई में पांच लोगों की नृशंस हत्या के मामले में शासन बेहद गंभीर है। पिछले सात सालों से गंगापार के कुछ खास इलाकों में एक ही जैसी घटनाओं को अंजाम दिया रहा है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस घटनाओं का खुलासा करती रही लेकिन घटनाएं लगातार होती रहीं। किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया ये घटनाएं एक ही गिरोह कर सकता है। अब शासन ने सभी घटनाओं की पूरी डीटेल्स मांगी है। साथ ही खुलासा करने वाले अफसरों और विवेचकों से भी पूछताछ करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एसटीएफ को पुलिस के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा गया है।
पुलिस ने प्रधानों के साथ की मीटिंग, संदिग्ध लोगों की पहचान में करेंगे मदद
थरवई पुलिस ने मंगलवार को पीस कमेटी की मीटिंग के साथ साथ क्षेत्र के सारे ग्राम प्रधानों को भी बुलाया। प्रधानों के साथ मीटिंग में हत्याकांड के खुलासे में उनसे मदद मांगी। उनसे बताया गया कि पूरी संभावना है कि एक ही गिरोह इन घटनाओं को अंजाम दे रहा है। जाहिर है कि गिरोह के लोग घटना से एक दो दिन पहले जरूर गांव या आस देखे गए होंगे। ऐसे लोगों को चिन्हित करने के लिए पुलिस ने ग्राम प्रधानों से मदद मांगी है। प्रधानों ने भी आश्वासन दिया है कि वे खुद नए लोगों के बारे में पता लगाकर पुलिस को सूचित करेंगे।