कहा कि राज्य सरकार को हड़ताली कर्मचारियों से वार्ता करनी चाहिए, न कि उन पर एस्मा लगाकर उन्हें जेलों में बंद करना चाहिए। केंद्रीय कर्मचारियों ने एंबुलेंस कर्मियों को एनएचएम में शामिल किए जाने, नौकरी की गारंटी दिए जाने और ठेका प्रथा को बंद करने की मांग की। इन मांगों के संदर्भ में राज्यपाल के नाम का ज्ञापन प्रयागराज उपश्रमायुक्त राकेश द्विवेदी को सौंपा।
एंबुलेंस कर्मचारियों के समर्थन में मंगलवार को इलाहाबाद केंद्रीय ट्रेड यूनियन भी है। उपश्रमायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को ज्ञापन सौंपकर एंबुलेंस कर्मियों की मांगों को पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे वक्ताओं ने कहा कि सरकार कोरोना योद्धा एंबुलेंस कर्मचारियों का सम्मान करते हुए उन्हें स्थायी करने की बजाय नौकरी से ही बाहर करवा रही है। जो कि अन्याय पूर्ण और शर्मनाक है।
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को हड़ताली कर्मचारियों से वार्ता करनी चाहिए, न कि उन पर एस्मा लगाकर उन्हें जेलों में बंद करना चाहिए। केंद्रीय कर्मचारियों ने एंबुलेंस कर्मियों को एनएचएम में शामिल किए जाने, नौकरी की गारंटी दिए जाने और ठेका प्रथा को बंद करने की मांग की। इन मांगों के संदर्भ में राज्यपाल के नाम का ज्ञापन प्रयागराज उपश्रमायुक्त राकेश द्विवेदी को सौंपा।
एटक के नसीम अंसारी, आनंद मालवीय, इंटक के देवेन्द्र प्रताप सिंह, सीटू से अविनाश िमश्रा, ऐक्टू से एससी बहादुर, दीपक गिरि, राम सिया, संतोष, एआईयूटीयूसी से राजवेंद्र सिंह, घनश्याम मौर्या, प्रमोद गुप्ता, एमके यादव, कंफेडरेशन ऑफ़ सेंट्रल गवर्नमेंट इंप्लाइज एंड वर्कर्स के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चंद्र पांडेय, एएलएस एंबुलेंस कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष आशीष कुमार, कोषाध्यक्ष सुखपाल, महामंत्री बंशीधर, मीडिया प्रभारी विमल मिश्रा, मनोज यादव, उत्तर प्रदेश छात्र युवा रोजगार मोर्चा से सुनील मौर्य, हरिशंकर मौर्य इत्यादि शामिल रहे। प्रदर्शन की अध्यक्षता राम सागर व संचालन डॉ. कमल उसरी ने किया। ब्यूरो