खीरी में भट्ठा संचालक सत्येंद्र उर्फ संजय शुक्ला जिस शख्स के फोन कर बुलाने पर रात में घर से निकला था वह उसका परिचित था। काल डिटेल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उस परिचित को हिरासत में ले लिया है। जिससे देर रात तक पूछताछ होती रही।
हत्या के बाद पुलिस ने मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल कंगाली तो उसमें अंतिम कॉल खीरी में ही रहने वाले एक शख्स की निकली। पुलिस ने उसके घर पहुंच कर पूछताछ की तो उसने कॉल करने की बात से इंकार कर दिया।
उसके मोबाइल की जांच की गई तो उसमें भी भट्ठा संचालक से बातचीत का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। लेकिन जब गहराई से छानबीन की गई तो पता चला कि उसने भट्ठा संचालक से हुई बातचीत के कॉल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे। जिससे उस पर शक उस पर गहरा गया। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। उससे देर रात तक पुलिस पूछताछ में जुटी रही। पुलिस सूत्रों की माने तो अब तक की जांच में हत्या की वजह के विवाह की ओर इशारा कर रही है। पुलिस अफसरों का यही कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।
खून सवार था हत्यारों के सिर पर
खीरी में भट्ठा संचालक की हत्या करने वाले बदमाशों के सिर पर खून सवार था। मृतक के शरीर पर धारदार हथियार से दर्जनों वार के निशान थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उसके कंधे और पंजे पार गहरे जख्म के निशान थे। जिससे माना जा रहा है कि हत्यारों ने पहले उसे ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद उसका सिर धड़ से काटकर अलग कर दिया।