लॉकडाउन में जहां कल-कारखाने बंद होने से हजारों मजदूरों की छुट्टी कर दी गई, निर्माण सेक्टर ठप होने से तमाम लोगों के सामने जीविका चलाने का संकट पैदा हो गया, वहीं संगमनगरी से लोगों के पेट भरने की पहल मिसाल बन गई है। चाहे मजदूर हों या छात्र या फिर घरों में अनाज खत्म होने से बिलबिला रहे गरीब परिवारों के लोग, इस मुसीबत की घड़ी में ओम नम: शिवाय संस्था लोगों के लिए डूबते को तिनके का सहारा बन गई है। प्रयागराज समेत आसपास के इलाकों में प्रतिदिन सवा लाख लोगों को भोजन पहुंचाया जा रहा है।
कुंभ में अन्नक्षेत्र चलाने वाली ऊं नम: शिवाय आध्यात्मिक संस्था इस संकट की घड़ी में गरीबों के लिए खेवनहार बन गई है। लॉकडाउन होने के बाद 23 मार्च से शुरू अन्नक्षेत्र अब प्रयागराज से आगे कानपुर, लखनऊ और अयोध्या तक पहुंच गया है। इसके लिए 1000 स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। इसमें युवकों के साथ युवतियां भी हैं, जो पुलों, सड़कों से लेकर बस्तियों तक जरूरतमंदों को खाना पहुंचा रही है। कीडगंज, अतरसुइया, जार्जटाउन, दारागंज, कोतवाली, करेली, कर्नलगंज, नैनी, झूंसी सहित अन्य इलाकों में जरूरत मंदों को भोजन कराया जा रहा है। बड़ी बात यह है कि अन्नक्षेत्र का यह संचालन गुरुदेव ओम नम: शिवाय अपने बल पर करते हैं। इसके लिए न कोई चंदा किया जाता है न किसी से दान ही लिया जाता।
दिन रात बस्तियों में खाना पहुंचाया जा रहा है।करीब 1.25 लाख से अधिक लोगों का हर रोज पेट भरा जा रहा है। प्रभावित लोगों की मदद के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है। उन नंबरों पर फोन करने के बाद जरूरतमंदों के घर तक खाना पहुंच रहा है। लोग किसी भी समय फोन करके अपना नाम, पता और संख्या बताकर अपने घर खाना मंगा सकते हैं।
गुरुदेव ओम नम: शिवाय, गऊघाट।