स्वतंत्रता सेनानी कमलाकांत तिवारी को अंतिम सलामी देते पुलिस के जवान।
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नरवर चौकठा गंगा घाट पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कमलाकांत तिवारी (106) को पुलिस के जवानों ने अंतिम सलामी दी। इसी के साथ राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके बड़े पुत्र राजेंद्र प्रसाद ने मुखाग्नि दी। आजादी के दीवाने की अंतिम यात्रा में प्रशासनिक अमले के साथ इलाके के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
स्वतंत्रता संग्राम के समय अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाले सेनानी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। सुबह करीब सवा आठ बजे नरवर चौकठा गंगा घाट पर पुलिस के जवानों ने राजकीय सम्मान के साथ उन्हें सलामी दी। इसके बाद बड़े बेटे राजेंद्र प्रसाद तिवारी ने उन्हें मुखाग्नि दी। नायब तहसीलदार ने राजकीय सम्मान के रूप में सेनानी के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को 12 हजार रुपये प्रदान किए।
इस दौरान बेटे राजधर तिवारी, एसीपी रविकुमार गुप्ता, नायाब तहसीलदार अनुग्रह नारायण सिंह, इंस्पेक्टर मांडा शैलेंद्र सिंह, दरोगा डॉ बाबूराम,संनेश बाबू गौतम, लेखपाल राकेश तिवारी,राघवेंद्र यादव सहित समाजसेवी राम मिश्रा, प्रबंधक कृष्ण विजय यादव आदि रहे। स्वतंत्रता सेनानी कमलाकांत तिवारी का जन्म 03 मई सन 1919 में मांडा क्षेत्र के दिघीया गांव में हुआ। महात्मा गांधी के अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन से प्रभावित होकर जंग-ए-आजादी की लड़ाई में कूद पड़े।