चुनाव पर आयोग लेगा निर्णय
अमरनाथ मौर्य का इस्तीफा तथा बोर्ड की शुक्रवार को हुई बैठक में लिए गए निर्णयों की पूरी रिपोर्ट बैंक के निर्वाचन आयोग को भेज दी जाएगी। चुनाव कराने पर आयोग की निर्णय लेगा। चूंकि निदेशक मंडल का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है। निदेशक मंडल के सदस्य ही अध्यक्ष का चुनाव करते हैं। ऐसे में अध्यक्ष ने इस्तीफा जरूर दे दिया है लेकिन सदस्यों का कार्यकाल मई 2023 तक शेष है। इस तरह से अध्यक्ष चुनाव कराया जाता है तो उनका कार्यकाल मई 2023 तक ही होगा। ऐसे में पांच वर्ष का पूरा कार्यकाल खत्म होने के बाद ही चुनाव की संभावना जताई जा रही है।
पूर्व में भी रह चुके हैं अध्यक्ष
अमरनाथ मौर्य इलाहाबाद-कौशाम्बी जिला सहकारी बैंक के 2010 से 2012 के बीच भी अध्यक्ष रहे। उस समय वह बसपा में थे। इसके बाद स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ वह भाजपा में शामिल हो गए तथा मई 2018 में दोबारा अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
विधानसभा चुनाव से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ अमरनाथ ने भी सपा का दामन थाम लिया। सपा ने विधानसभा चुनाव में अमरनाथ को शहर पश्चिमी से प्रत्याशी भी बनाया था, लेकिन आखिरी समय में ऋचा सिंह को टिकट दे दिया गया। अब प्रदेश में भाजपा की दोबारा सरकार है। इसी बीच बोर्ड के पूर्व सदस्य ने उनके निर्वाचन को चुनौती दी थी। इसी के बाद से ही अमरनाथ की कुर्सी जानी तय मानी जा रही थी।