फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रयागराजः डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक की मिली लाश 

Thu, 19 Dec 2019 12:43 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
crime news - फोटो : प्रयागराज
विज्ञापन
नैनी के अरैल पुलिस चौकी अंतर्गत चक्रमाधव मंदिर के समीप बांध रोड के किनारे बुधवार सुबह निर्मल डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक योगेश श्रीवास्तव का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव के पास पानी की बोतल, जहर की पुड़िया भी मिली। उनके दोनों हाथों के कलाई की नस भी कटी हुई थी। उनकी स्कूटी बांध रोड पर खड़ी मिली। पुलिस ने आत्महत्या का मामला बताते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 
विज्ञापन


मूल रूप से लखनऊ के गुडंबा स्थित राजीव नगर के रहने वाले योगेश श्रीवास्तव का पन्ना लाल रोड पर स्थित निर्मल डायग्नोस्टिक सेंटर की पार्टनरशिप को लेकर डॉ. कार्तिकेय शर्मा और लखनऊ के अलीगंज के रहने वाले सुनील कुमार पांडेय से विवाद चल रहा था। एक करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में योगेश के खिलाफ मंगलवार को कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

बताया जाता है कि तीन दिन पहले उनका पत्नी से तलाक भी हो गया था। इंस्पेक्टर नैनी धाकेश्वर सिंह का कहना है कि योगेश कर्ज में डूबे हुए थे। उनके खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे भी दर्ज हैं। उसी वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली है, उनके दोनों हाथों की कलाई की नस कटी हुई थी और मुंह से झाग निकल रहा था। बाकी अभी उनके घर का कोई सदस्य आया नहीं है। परिजनों के आने और पोस्टमार्टम होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। 
विज्ञापन
Trending Videos

crime news - फोटो : प्रयागराज
पुलिस ने पत्नी को फोन किया तो बोली, तीन दिन पहले तलाक हो गया
नैनी में अरैल बांध रोड पर खुदकुशी करने वाले योगेश श्रीवास्तव के पास से मिले मोबाइल से पुलिस उनकी पत्नी सरिता को फोन किया तो बिना कोई रियेक्शन दिए सीधे बताया कि उनका तो तीन दिन पहले ही तलाक हो गया है। यह सुनकर पुलिस वाले भी हैरत में पड़ गए। एसआई मुदित राय ने बताया कि उनकी बहन सीमा ने पुलिस को जानकारी दे दी है। जल्द ही वे प्रयागराज आएंगी। अभी जांच हो ही रही थी कि कुछ देर बाद पुलिस को पता चला कि योगेश के खिलाफ मंगलवार को कर्नलगंज थाने में उनके पार्टनर सुनील कुमार पांडेय ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि योगेश के कई जगह से कर्ज लेने की बात भी पता चली। संभवत: इसी कारण उन्होंने खुदकुशी कर ली। 

मूलत: लखनऊ के गुड़ंबा थानांतर्गत राजीव नगर, कल्याणपुर रिंग रोड निवासी योगेश श्रीवास्तव (47) पुत्र डीसी श्रीवास्तव ने वर्ष 2014 में जार्जटाउन थाना क्षेत्र के पन्नालाल रोड पर दो लोगों की पार्टनरशिप में निर्मल डायग्नोस्टिक सेंटर खोला था। जिसमें डा. कार्तिकेय शर्मा व योगेश के लखनऊ के मित्र सुनील कुमार पांडेय पार्टनर थे। डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन शुरू होने के बाद कई अन्य पार्टनर भी उसमें आये। विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ समय पहले सुनील ने योगेश के खिलाफ तहरीर दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की तो वह न्यायालय चले गए। न्यायालय के आदेश पर मंगलवार को योगेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। 

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
रिसेप्शनिस्ट ने पूछा, सर आप कहा हैं?
नैनी(संवाद)। योगेश श्रीवास्तव के मोबाइल पर बुधवार को फोन आया। उस वक्त मोबाइल पुलिस के हाथ में था। अरैल चौकी इंचार्ज मुदित राय ने फोन रिसीव किया तो दूसरे तरफ से कालर का पहला शब्द था कि सर, आप कहां है? एसआई मुदित राय ने उसका परिचय पूछा तो कालर ने बताया कि वह निर्मल डायग्नोस्टिक सेंटर से रिसेप्शनिस्ट बोल रही है। योगेश की आखिरी बार किससे बातचीत हुई है, अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस इसके लिए उसकी काल डिटेल्स निकलवा रही है। 
विज्ञापन

Murder
रात में सवा करोड़ की धोखाधड़ी की एफआईआर, सुबह मिली लाश 

नैनी। योगेश श्रीवास्तव की मौत के पीछे कई अहम राज हैं, जिनकी परत दर परत पुलिस विवेचना के बाद ही खुलेगी, लेकिन फिलवक्त जो सबसे ज्वलंत मुद्दा है वह है मंगलवार की रात कर्नलगंज थाने में उनके खिलाफ उनके पार्टनर सुनील पांडेय की ओर से दर्ज कराई गई धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं की एफआईआर है। जिसे लोग खुदकुशी की प्रमुख वजह मान रहे हैं, क्योकि इस एफआईआर में योगेश श्रीवास्तव पर सवा करोड़ रुपये से ज्यादा के धोखाधड़ी के आरोप हैं।

लखनऊ के रहने वाले योगेश श्रीवास्तव पर मंगलवार की रात में ही कर्नलगंज थाने में कोर्ट के आदेश पर 156(3) के तहत  मुकदमा अपराध संख्या 1114/2019 के अंतर्गत धारा 419, 420, 467, 468, 471, 406, 323, 504 व 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। मुकदमा वादी सुनील कुमार पांडेय पुत्र स्वर्गीय अनंत पांडेय ने खुद को और डा. कार्तिकेय शर्मा को योगेश श्रीवास्तव के डायग्रोसिस्ट सेंटर का क्रमश: 20 व 60 प्रतिशत का पार्टनर बताया है। सुनील पांडेय के दावे के मुताबिक 26 दिसंबर 2014 को तीनों लोगों के बीच एक डीड हुई थी। जिसमें करीब 72 लाख रुपये डा. कार्तिकेय शर्मा और 50 लाख रुपये सुनील पांडेय ने लगाया था। कागजी प्रक्रियया पूरी होने के बाद 15 मार्च 2015 से संचालन शुरू हुआ। सुनील पांडेय का आरोप है कि कुछ दिन बाद ही योगेश ने हेराफेरी शुरू कर दी थी। वह सेंटर से होने वाली आमदनी को अपने और अपनी पत्नी के बैंक एकांउट में ट्रांसफर करने लगा था।


विरोध करने पर झंासा दे रहा था। सुनील का आरोप है कि योगेश ने धोखाधड़ी करके डीड वाली तारीख पर एक अलग से फर्जी डीड तैयार कराई थी जिसमें उसने खुद को 45 प्रतिशत का हिस्सेदार बताते हुए डा. शशिकांत व विनोद पांडेय को नया पार्टनर बनाया था। इसके बाद उसने कपिलदेव मिश्रा के हाथो गोपनीय तरीके से उसने सेंटर का सौदा करके 13 लाख रुपये एडवांस भी ले लिये थे। सुनील का आरोप है कि उसने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए डा. कार्तिकेय शर्मा और विनोद पांडेय को रिटायरमेंट देकर एक नये पार्टनर प्रदीप कुमार साहू को जोड़ लिया था। आरोप है कि मकान का 80 हजार रुपये किराया और बिजली का बिल भी नहीं दे रहा था। बिजली बकायेदारी की वजह से उसका सेंटर सीज कर दिया गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। चर्चा है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद से योगेश ज्यादा तनाव में आ गया था और उसी तनाव में उसने खुदकुशी कर ली। 
.....................................................
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें