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अदालत में हत्या: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने लिया संज्ञान, डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह से मांगा जवाब

Wed, 18 Dec 2019 12:30 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय
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बिजनौर की सीजेएम कोर्ट में दिनदहाड़े हुए हत्याकांड का इलाहाबाद हाइकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित कर ली है। कोर्ट ने प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह, डी जी पी सहित आला पुलिस अधिकारियों को 20 दिसंबर को तलब किया है। कोर्ट ने जिला जज की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए यह कार्यवाही की है। 

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न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खंडपीठ ने राज्य सरकार से अदालतों की सुरक्षा के उठाये गए कदमों की जानकारी मांगी है। कोर्ट ने कहा है कि जब अदालतें सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिकों की सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है। कोर्ट ने बार काउंसिल व बार एसोसिएशन से भी कोर्ट में सुझाव देने की अपील की है।

मालूम हो कि उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में सात माह पूर्व नजीबाबाद में हुई बसपा नेता हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की हत्या को अंजाम देने वाले कुख्यात बदमाश शाहनवाज को पेशी के लिए मंगलवार को बिजनौर सीजेएम कोर्ट लाया गया था। इस दौरान हाजी अहसान की दूसरी पत्नी के बेटे ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर सीजेएम कोर्ट के अंदर पिस्टलों से गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी। 

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दो पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हो गए। घटना के बाद शाहनवाज का साथी जब्बार कोर्ट से फरार हो गया। इस घटना से जजी में सनसनी फैल गई। घटना को अंजाम देने वाले तीनों शूटरों पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस फरार जब्बार की तलाश में लगी है। प्रत्यक्षदिर्शियों के अनुसार सीजेएम योगेश कुमार ने मेज के पीछे छिपकर जान बचाई। इसके बाद वे अपने चैंबर में चले गए। यहां पढ़ें पूरा मामला
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