शिवकुटी के नारायणी आश्रम मोहल्ले में रहने वाले प्रतियोगी छात्र विकास कुमार सिंह (30) ने फांसी लगाकर जान दे दी। शाम को सूचना पर पुलिस पहुंची और दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के कमरे से सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने स्वेच्छा से जान देने की बात कही है।
विकास पुत्र अनिल सिंह मूल रूप से अंबेडकर नगर के मानिकपुर, जमूकला महाउबा गोला का रहने वाला था। वह पिछले कई सालों से शिवकुटी के नारायण आश्रम के पास किराये के कमरे मेें रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह वह बहुत देर तक नहीं उठा। शाम को चार बजे तक जब उसका दरवाजा नहीं खुला तो आसपास के लोगों ने आवाज दी। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
जिसके बाद सूचना दी गई तो डायल 112 और फिर थाने की पुलिस पहुंच गई। दरवाजा तोडक़र पुलिसकर्मी भीतर पहुंचे तो वह फांसी पर लटका मिला। जांच पड़ताल में सुसाइड नोट भी मिला। परिजनों को सूचना देने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ अजीत सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट में स्वेच्छा से जान देने की बात लिखी है लेकिन यह नहीं स्पष्ट हो सका कि वजह क्या थी। फिलहाल शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच पड़ताल की जा रही है।