2022 में राकेशधर को मिली थी महेश नारायण से शिकस्त
2002 के चुनाव में सपा के महेश नारायण सिंह ने राकेशधर को मात दी थी तो 2007 में राकेशधर ने महेश नारायण को हराया। इसके बाद 2012 के चुनाव में फिर महेश नारायण सिंह विजयी हुए। वहीं राकेशधर दूसरे स्थान पर रहे लेकिन कुछ समय बाद ही महेश नारायण का निधन हो गया।
इसके बाद 2013 में हुए उपचुनाव में महेश नारायण के बेटे प्रशांत सपा से चुनाव लड़े और विजयी हुए। वहीं राकेशधर त्रिपाठी के भतीजे पंकज बीएसपी से चुनाव लड़े और दूसरे स्थान पर रहे। 2017 के चुनाव में राकेशधर की पत्नी प्रमिला त्रिपाठी ने अपना दल से चुनाव लड़ा, लेकिन बसपा के हाकिम लाल बिंद से हार गईं।
पहली बार हंडिया से नहीं मिला टिकट
राकेशधर के अलावा परिवार के दो सदस्यों ने इस सीट से दावेदारी की लेकिन जीत नहीं मिली। इस चुनाव में भी राकेशधर त्रिपाठी तथा महेश नारायण सिंह के बेटे प्रशांत सिंह टिकट के दावेदारों में शामिल हैं। पहली बार राकेशधर को उनके गृह विधानसभा हंडिया से हटाकर पड़ोस की प्रतापपुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
हंडिया सीट भाजपा ने अपने ही दूसरे सहयोगी दल निषाद पार्टी को दे दी है। निषाद पार्टी ने दो दिन पहले ही हंडिया से पूर्व विधायक महेश नारायण सिंह के पुत्र पूर्व विधायक प्रशांत सिंह राहुल को उम्मीदवार बनाया था, जिन्होंने शनिवार को नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया।