प्रयागराज के अति प्राचीन मंदिरों में शामिल मुनि भरद्वाज आश्रम का कायाकल्प किए जाने का खाका तैयार किया जा चुका है। पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग आश्रम में सभी सुविधाओं से लैस अतिथि गृह का निर्माण करेगा।
बालसन चौराहा स्थित महर्षि भरद्वाज आश्रम को पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित किया जाएगा। आश्रम में अतिथि गृह निर्माण के लिए पर्यटन विभाग द्वारा शासन को डीपीआर भेजी जा चुकी है। आश्रम में तीन करोड़ रुपये की लागत से अन्य कार्य भी किए जाएंगे।
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प्रयागराज के अति प्राचीन मंदिरों में शामिल मुनि भरद्वाज आश्रम का कायाकल्प किए जाने का खाका तैयार किया जा चुका है। पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग आश्रम में सभी सुविधाओं से लैस अतिथि गृह का निर्माण करेगा। इसके अलावा पर्यटकों के जलपान की सुविधा के लिए कैफेटेरिया की व्यवस्था की जाएगी। आश्रम को आकर्षक बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक फाउंटेन और श्रद्धालुओं के लिए आश्रम परिसर में भ्रमण के लिए लैंडस्केपिंग होगी।
आश्रम को प्राकृतिक रूप से डिजाइन किया जाएगा, जिसमें वाटर बॉडी, स्टोन, टाइल्स लगाए जाएंगे। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह ने बताया कि भरद्वाज आश्रम को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाना हैं। निर्माण कार्य से संबंधित प्रस्ताव शासन के पास भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही कार्य योजना का क्रियान्वयन होगा।
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वनवास जाते वक्त प्रभु श्री राम पहुंचे थे भरद्वाज आश्रम
ऐसी मान्यता है कि वनवास के लिए जाते समय भगवान श्रीराम भरद्वाज आश्रम आए थे और मुनि भरद्वाज ने श्रीराम को चित्रकूट जाने का मार्ग बताया था। प्रभु राम को चित्रकूट से वापस बुलाने के लिए भरत प्रयागराज आए तो उन्होंने मुनि भरद्वाज के दर्शन किए थे।