समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने की बात दोहराते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुटकी ली।
अखिलेश ने कहा, 'देशभर में इस वक्त को-जनरेशन के जरिए बड़े पैमाने पर बिजली बन रही है। लेकिन योगी सरकार ने इसपे कोई ध्यान नहीं दिया। जब नेताजी (मुलायम सिंह यादव) मुख्यमंत्री थे तब शुगर मील प्लांट पर को-जनरेशन बिजली उत्पादन के लिए बड़े पैमाने पर निवेश हुआ था। उस वक्त सरप्लस बिजली मिलती थी। लेकिन अब इस सरकार की नाकामी की वजह से को-जनरेशन का काम आगे नहीं बढ़ पाया।'
सीएम योगी की चुटकी ली
अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुटकी ली। बोले, 'हमारे बाबा योगी आदित्यनाथ को ये भी नहीं पता होगा कि उत्तर प्रदेश में कितने ट्रांसमिशन लाइन लगी होंगी? आप बताओ पत्रकार साथियों कभी उनके मुंह से ट्रांसमिशन लाइन सुना? अभी वह अकेले में बैठकर 3*60 सुपर क्रिटिकल थर्मल प्लांट रट रहे हैं। अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाना और पूछना कि माननीय मुख्यमंत्री जी आप रट पाए कि नहीं। वह तो यह सोच रहे हैं कि 3*60 सुपर क्रिटिकल थर्मल प्लांट कब बोला जाए? अभी तो हिम्मत नहीं जुटा पा रहे बोलने की। अब तो आपने सवाल पूछ लिया, इसलिए वह अब कभी नहीं बोलेंगे।'
सब काम हमारा है
बिजली के क्षेत्र में हुए कई कामकाज को अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के कार्यकाल का बताया। बोले, जितनी भी ट्रांसमिशन लाइन बनी है वह समाजवादी सरकार की देन है। पूरे देश में ट्रांसमिशन लाइन के क्षेत्र में अगर सबसे पहला निवेश आया था तो वह समाजवादी पार्टी की सरकार में हुआ था। हमने बिजली को अंडरग्राउंड किया, फिडर को अलग किया और नए-नए सबस्टेशन बनाए।'
अखिलेश ने कहा, 'आजमगढ़ में बिजली की तारों को सबसे पहले अंडरग्राउंड किया। उसके बाद मऊ का भी शुरू करवा दिया था। बनारस से पहले सारनाथ का काम शुरू किया था। बनारस के लिए उस वक्त के केंद्रीय बिजली मंत्री ने कहा था कि वह अपने हिसाब से कराना चाहते हैं। तब हमने उन्हें पूरी तरह से छूट दे दी थी। आज बनारस में बिजली के तार अंडरग्राउंड हो रही है तो वह समाजवादी पार्टी की देन है।'