दोपहर 12:00 बजे के बाद एयरपोर्ट के रनवे पर आसानी से विमान टेक ऑफ या लैंड कर सकते थे, लेकिन एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने उसकी अनुमति नहीं दी। जबकि, कैट टू लाइट लगने के बाद कोहरे व रात में भी फ्लाइट की लैंडिंग और पीकॉक का दावा किया जा रहा था।
कम दृश्यता में भी हवाई यातायात का संचालन सुचारु हो इसके लिए प्रयागराज एयरपोर्ट के रनवे पर लगाई गई कैट टू लाइट महज शो पीस ही साबित हो रही है। इसका जीता जाता उदाहरण मंगलवार को प्रयागराज एयरपोर्ट पर दिखा। जब यहां आने वाले 18 विमान कम दृश्यता के चलते निरस्त हो गए। इस दौरान सिर्फ एलाइंस एयर की दिल्ली उड़ान का ही आवागमन हुआ। एक दिन में 18 विमान निरस्त होने से कैट टू लाइट की उपयोगिता पर सवाल भी खड़े हो गए हैं।
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दोपहर 12:00 बजे के बाद एयरपोर्ट के रनवे पर आसानी से विमान टेक ऑफ या लैंड कर सकते थे, लेकिन एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने उसकी अनुमति नहीं दी। जबकि, कैट टू लाइट लगने के बाद कोहरे व रात में भी फ्लाइट की लैंडिंग और पीकॉक का दावा किया जा रहा था। फिलहाल, मंगलवार को विमानन कंपनी इंडिगो की मुंबई, बगलूरू, भुवनेश्वर, पुणे, देहरादून, लखनऊ ,भोपाल दिल्ली और एलाइंस एयर की बिलासपुर उड़ान दोनों ओर से निरस्त रही।
कोहरे में विमान आसानी से यहां लैंड और टेक ऑफ हो सकें, इसके लिए प्रयागराज एयरपोर्ट पर पहले 80 लाख रुपये खर्च कर कैट वन लाइट स्थापित हुई थी। इससे 850 मीटर दृश्यता में भी विमानों की आवाजाही हो सकती थी। कैट टू लाइट लगने के बाद अब यहां 350 मीटर की दृश्यता में भी आसानी से विमानों का आवागमन हो सकता है, लेकिन मंगलवार को एलाइंस एयर के ही दिल्ली विमान का दोनों ओर से संचालन हो सका। इससे 23 यात्री यहां और 49 यात्रियों ने उड़ान भरी। एयरपोर्ट के कार्यकारी निदेशक राजेश कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल वायु सेना के हवाले है।