लालगंज कोतवाली के जलेशरगंज निवासी राम प्रसाद केसरवानी की बाजार में राइसमिल है। रविवार की सुबह नौ बजे के करीब राइसमिल में कुछ मजदूर काम कर रहे थे। राम प्रसाद केसरवानी का बेटा मनीष कुमार केसरवानी (32) बैठा था। इस बीच एक बाइक से नकाबपोश तीन बदमाश वहां पहुंच गए। एक बदमाश बाहर खड़ा था, जबकि उसके दो साथी तमंचा लेकर लूटपाट के इरादे से राइसमिल में घुस गए। उन्होंने अंदर पहुंचते ही तमंचा तान दिया। यह देख मनीष बदमाशों से भिड़ गया। इस पर बदमाशों ने उसे गोली मार दी। पेट में गोली लगने के बाद मनीष खून से लथपथ होकर गिर पड़ा।
फायर की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े तो बदमाश भाग निकले। ग्रामीण एक बदमाश को दबोचकर पीटने लगे। हालांकि मौका पाकर उसने कोटेदार रईस की कनपटी पर तमंचा सटा दिया और धमकाते हुए कोटेदार की बाइक लूटकर भाग निकला। घायल मनीष को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहां से डॉक्टरों ने प्रयागराज रेफर कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद बदमाशों की तलाश में घेराबंदी करने लगी। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस को बदमाशों के जेठवारा के बढ़नी स्थित एक फार्म हाउस में रुकने की जानकारी मिली। जिसके बाद भारी फोर्स फार्म हाउस पर पहुंची, लेकिन बदमाश नहीं मिले। उनके लक्ष्मणपुर विकासखंड की ओर भागने की जानकारी मिली।
पुलिस ने उनका पीछा कर लिया। शाम को करीब छह बजे लालगंज कोतवाली के रघवापुर जंगल में बदमाशों की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस की फायरिंग में अजीत गौतम निवासी पूरेबंशी, प्रद्युम्न सरोज निवासी रामपुर भेड़ियानी और सुरेश निवासी शिवबोझ कोतवाली लालगंज के पैर में गोली लग गई। उनकी बाइक पेड़ से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। मौके से पुलिस को असलहे व कारतूस मिले। पुलिस ने बदमाशों की मदद कर रहे लालगंज क्षेत्र से निर्वाचित एक जिला पंचायत सदस्य को भी हिरासत में ले लिया। घायल बदमाशों को उपचार के लिए सीएचसी भेजा गया। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि बदमाशों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कई घटनाओं को अंजाम दिया है। घटना के बाद बदमाशों को सुरक्षित निकालने में लालगंज क्षेत्र से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य ने अहम भूमिका निभाई है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फार्म हाउस से भी असलहे बरामद हुए हैं।
घायल बदमाश का जिला पंचायत सदस्य ने कराया प्राइवेट चिकित्सक के पास इलाज
पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि राइस मिल संचालक मनीष को गोली मारने के बाद ग्रामीणों ने एक बदमाश को दबोचकर पीटा था। इससे वह घायल हो गया था। उसे उपचार के लिए अपने वाहन से जिला पंचायत सदस्य ही प्राइवेट अस्पताल तक ले गया था। चर्चा है कि यहीं से बदमाशों के बारे में पुलिस को पता चला। जिसके बाद पुलिस जिला पंचायत सदस्य के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करते हुए बदमाशों को घेरने में कामयाब हुई।