बुजुर्ग की मौत के बाद हंगामा करते ग्रामीण।
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लालगंज कोतवाली क्षेत्र के बाबूतारा गांव में दबिश देने गई सांगीपुर पुलिस की पिटाई से मकबूल (68) की मौत हो गई। आक्रोशित लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस पर जमकर हंगामा किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बुजुर्ग की मौत लिवर फटने से होना बताया गया है। बवाल की आशंका में गांव में कई थानों की फोर्स तैनात रही। मामले की जांच सीओ लालगंज को सौंपी गई है।
शनिवार की रात सांगीपुर के प्रभारी थानाध्यक्ष प्रमोद सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ चोरी की एक घटना के मामले में बाबूतारा गांव में बशीर अहमद के घर पर दबिश दी। आरोप है कि पुलिस को सामने जो भी मिला, उसे पीटने लगी। पुलिस को देखकर बशीर के चचेरे भाई मकबूल (68) घर के पीछे भागने लगे। नजर पड़ने पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया। वे मकबूल को पीटते हुए घर तक ले आए। पिटाई से मकबूल की तबीयत बिगड़ गई। पुलिसकर्मी बशीर व उसके बेटे रकीब को जीप में बैठाने लगे।
इसी दौरान मकबूल की मौत हो गई। यह देख पुलिसकर्मी दोनों को लेकर वहां से भाग निकले। रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पर सपा और एआईएमआईएम नेताओं का जमावड़ा लग गया। आक्रोशित लोग हंगामा करते हुए सांगीपुर पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे। मृतक मकबूल के बेटे रमजान ने सांगीपुर थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्मियों के खिलाफ तहरीर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि घटना की जांच सीओ लालगंज कर रहे हैं, जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।