हत्यारोपी की धरपकड़ के बजाय पुलिस के तहरीर लिखवाने पर भड़के लोग
संगीता की हत्या की खबर मिलने के बाद जेठवारा पुलिस मौके पर पहुंची। पूछताछ के बाद घर से भागे आरोपियों की खोजबीन के बजाय पुलिस पड़ोसी के घर बैठ गई। मृतका के पति रवि को बुलाकर तहरीर लिखवाने लगी। पुलिस का यह रवैया लोगों को पसंद नहीं आया।
ग्रामीण व मृतका के मायके से आए लोग पुलिस की कार्यशैली पर भड़क गए। घर के बाहर पड़े शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की न कोई पहल हुई थी और न ही आरोपियों की धरपकड़ का कोई प्रयास किया जा रहा था। रवि को बोल-बोलकर थानेदार जेठवारा तहरीर लिखवा रहे थे। जिसे लेकर हथिगवां के वर्ना गांव से आए लोग थानेदार से भिड़ गए। लोगों का आक्रोश देखते हुए पुलिस कमलाकांत की बेटियों व पत्नी शामली को लेकर थाने चली गई।
बच्चों के सिर से छिन गया मां का साया
गौरा की रहने वाली संगीता का एक बेटा ऋषभ व बेटी रिया है। दोनों बच्चे मां की मौत के बाद बिलखते रहे। उन्हें रोते देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। पिता को पकड़कर बच्चे बिलखते रहे।
जमीन को लेकर कई बार हुई थी पंचायत
जेठवारा के गौरा में रवि उर्फ बबलू मौर्य ने पशुशाला के पास छह इंच अधिक जमीन पर पिलर बना लिया था। जिसे लेकर चाचा कमलाकांत व रवि के बीच कई बार ग्रामीणों व रिश्तेदारों ने पंचायत कराई थी मगर, हल नहीं निकला। दोनों पक्ष अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए थे। छह इंच जमीन के लिए चल रहे विवाद ने आखिरकार संगीता की जान ले ली। इस घटना से गांव के लोगों में भी गुस्सा देखने को मिला।