बसपा की सरकार में 2008 में इस मकान को सीज किया गया था। मकान से सटा हुआ 10 * 90 की बाउंड्री को उसका इस्तेमाल कर रहा था। जिसकी जानकारी होने पर पुलिस ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान मिली कर झूंसी निवासी सुनील कुमार की बताई जाती है, जिसने मुक्त बिहार की रहने वाली सीता तिवारी को बेच दिया था।
पूर्व ब्लाक प्रमुख माफिया दिलीप मिश्रा के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर तेवर कड़े कर दिए हैं। नैनी थाना क्षेत्र के मुक्त बिहार कॉलोनी में स्थित सीज किए गए उनके मकान का उपयोग कर रहे उनके भाई पप्पू मिश्रा को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया। साथ ही वहां मौजूद एक कार को अपने कब्जे में ले लिया है।
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मालूम हो कि बसपा की सरकार में 2008 में इस मकान को सीज किया गया था। मकान से सटा हुआ 10 * 90 की बाउंड्री को उसका इस्तेमाल कर रहा था। जिसकी जानकारी होने पर पुलिस ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान मिली कर झूंसी निवासी सुनील कुमार की बताई जाती है, जिसने मुक्त बिहार की रहने वाली सीता तिवारी को बेच दिया था।
पुलिस का कहना था कि कार का इस्तेमाल पप्पू मिश्रा ही करता है। अतिरिक्त इंस्पेक्टर साजिद अली का कहना है कि वहां लगी बिजली और जमीन सरकारी तालाब की है या नहीं इसकी भी जांच की जाएगी। जमीन की जांच के लिए एसडीएम को पत्र भेजा जा रहा है।