श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर एक तरफ लोग कान्हा का जन्म दिवस हर्षोल्लस से मना रहे थे, वहीं दूसरी तरफ कई परिवारों में जन्में बच्चों की किलकारियों ने उनकी खुशी दोगुनी कर दी। डफरिन अस्पताल में छह और सात सितंबर को 21 परिवारों में किलकारियां गूंजीं। जिन्हें पुत्र हुआ उन्होंने उसे कान्हा पुकारा, जिन्हे पुत्री हुई उन्होंने राधा। जन्मे बच्चों में से 15 लड़के और छह लड़कियां रहीं। कुछ का प्रसव सामान्य तरीके से हुआ तो कुछ ने ऑपरेशन का सहारा लिया। अपने बच्चे के जन्म दिन को विशेष बनाने के लिए कुछ लोगों ने ऑपरेशन के लिए जन्माष्टमी का दिन चुना।