पूर्व आईपीएस रामेंद्र विक्रम सिंह समेत 17 पर धोखाधड़ी, जालसाजी के आरोप में दर्ज केस की विवेचना शुरू हो गई है। शिवकुटी पुलिस ने वादिनी व उनकी पत्नी उमा सिंह से साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा है। साक्ष्यों के मिलने के बाद उनका बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वादिनी का आरोप है कि उनके फर्जी हस्ताक्षर कर उनकी सोसायटी को नुकसान पहुंचाने व धन के दुरुपयोग के लिए जाली दस्तावेज तैयार किए गए। कोर्ट के आदेश पर शिवकुटी पुलिस ने एक दिन पहले रिपोर्ट दर्ज की थी।
वादिनी बाघम्बरी गद्दी, अल्लापुर की निवासिनी हैं। उनका दावा है कि वह श्री बलराम शैक्षिक एवं समाज सुधार समिति, सिरहरी मेजा की वह सचिव हैं। समिति बलराम सिंह स्मारक महाविद्यालय, दिघारगढ़, बलिया संचालित करती है और वह उसकी प्रबंधिका भी हैं। आरोप लगाया कि पति रामेंद्र विक्रम सिंह ने अपने 16 सहयोगियों के साथ मिलीभगत करके बेईमानी की मंशा से उनके फर्जी हस्ताक्षर करते हुए सोसायटी को नुकसान पहुंचाने व धन के दुरुपयोग के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और इन्हें सहायक रजिस्ट्रार के कार्यालय में जमा भी कराया।
विवेचना शुरू करते हुए शिवकुटी पुलिस ने उनसे साक्ष्य मांगे हैं। इनमें वह दस्तावेज शामिल हैं, जिनके आधार पर उन्होंने यह आरोप लगाया है। इसके बाद उनका बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिवकुटी प्रभारी संजय गुप्ता ने बताया कि विवेचना की जा रही है।