इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा कराने की मांग को लेकर छात्रसंघ अध्यक्ष के नेतृत्व में अनशन कर रहे छात्रनेता शनिवार देररात पुलिस की घेरेबंदी देखकर फरार हो गए। जबकि छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने खुद को अपने कमरे में बंद कर लिया। अपने मंसूबे में फे ल पुलिस ने अनशनकारी छात्रों के गद्दे और कूलर पर गुस्सा उतारा। बैनर, पोस्टर फाड़ डाले। पुलिस ने अध्यक्ष से दरवाजा खोलने को कहा लेकिन अध्यक्ष की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। देररात तक पुलिस अनशनकारियों की तलाश में मशक्कत करती रही।
ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा कराने की मांग पर कुलपति के रवैये से नाराज छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह, उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, महामंत्री सिद्घार्थ सिंह उर्फ गोलू , संयुक्त मंत्री श्रवण कुमार जायसवाल, अजीत यादव विधायक, मानस शर्मा समेत तमाम छात्र बुधवार से आमरण अनशन पर बैठे हैं। शुक्रवार को हालत खराब होने पर श्रवण को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करा दिया था। जबकि संदीप को शनिवार को अस्पताल ले जाया गया।
अन्य छात्रनेताओं की भी हालत खराब होने लगी है। मानस शर्मा का ब्लड प्रेशर कम है। जिसके चलते उनकी हालत ठीक नहीं है। छात्रों की हालत बिगड़ती देख पुलिस अफसरों ने शनिवार देररात अनशनकारी छात्रों को उठाने की रणनीति बनाई। कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ एसपी सिटी राजेश कुमार यूनियन भवन के गेट पर पहुंचे। जब तक पुलिस गेट के अंदर अनशनकारियों तक पहुंचती अनशन पर बैठे छात्रनेता बाउंड्रीवाल फांदकर भाग निकले। जबकि अध्यक्ष अपने कमरे में चली गईं और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। पुलिस ने अध्यक्ष से बाहर निकलने के लिए कहा लेकिन अध्यक्ष ने दरवाजा नहीं खोला। पुलिस उनके बाहर निकलने का इंतजार करती रही।