इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा की मांग को लेकर शुरू आंदोलन के क्रम में शनिवार को छात्र-छात्राआें ने कैंडल मार्च निकाला। मार्च छात्रसंघ भवन से शुरू होकर बालसन चौराहा स्थित गांधीजी की प्रतिमा के सामने खत्म हुआ। इसमें सभी संगठन से जुड़े छात्र-छात्रा शामिल हुए।
छात्रसंघ भवन पर छात्रों का जमावड़ा हुआ। इसी समय महिला हॉस्टल गेट पर छात्राएं भी एकत्रित हुईं। फिर उन लोगों ने बालसन चौराहा तक कैंडल मार्च निकाला। मार्च में एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव विवेकानंद पाठक, गौरव त्रिपाठी, अनुराग पाल उत्तम, अनुराग राय, हरिनाम सिंह, समाजवादी छात्रसभा के अखिलेश कुमार गुप्ता गुड्डू, जिया कौनैन रिजवी, अरविंद सरोज, प्रशांत शुक्ला, मो.एल्फी आदि शामिल रहे।
छात्राओं के एक गुट ने महिला हॉस्टल के सामने ऑफलाइन के समर्थन में प्रदर्शन भी किया। समाजवादी छात्रसभा से जुड़े छात्रों ने छात्रसंघ भवन पर कुलपति के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ भी किया। एनएसयूआई की छात्रसंघ भवन में हुृई बैठक में भी मांग का समर्थन किया गया। विवेकानंद का कहना था कि छात्रों की हर मांग के साथ संगठन खड़ा है। समाजवादी युवजन सभा के संदीप यादव, विनोद यादव, विनीत सिंह आदि ने भी मांग को जायज ठहराया। आइसा की बैठक में शामिल प्रदीप कुमार, शक्ति रजवार, अंतस सर्वानंद आदि ने भी ऑफलाइन का विकल्प दिए जाने की मांग की। एआईडीएसओ के बृजमोहन, भीम सिंह चंदेल, राकेश संदीप, अमन मिश्र आदि ने भी ऑफलाइन का विकल्प दिए जाने की मांग की है।
ऑफलाइन के मुद्दे पर जारी गतिरोध के बीच छात्र नेताओं की ओर से इसके समाधान की पहल की गई है। छात्रनेता अमरेंदू सिंह की अगुवाई में रविवार को दिन में 11 बजे छात्रसंघ भवन सभी संगठन के लोगों की बैठक बुलाई गई है। इसमें कालेजों के छात्रसंघ पदाधिकारियों को भी बुलाया गया है।
कांग्रेस तथा एनएसयूआई से जुड़े छात्रों का एक वर्ग विश्वविद्यालय प्रशासन के सिर्फ ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के फैसले के समर्थन में खड़ा हो गया है। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष राजीव यादव के नेतृत्व में छात्रों ने बालसन चौराहा पर शनिवार से धरना शुरू कर दिया है। छात्रों का कहना था कि सर्वे में विद्यार्थियों ने स्वीकार किया कि ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा उनके हित में है। अनशन में अक्षय यादव क्रांतिवीर, कांग्रेस के जिला महासचिव श्रीश चंद्र दुबे, हसीब अहमद, डॉ.प्रमोद पांडेय, हरदेव सिंह, शेष नारायण ओझा आदि शामिल रहे।