समूह में कराया गया पिंडदान
जय त्रिवेणी जय प्रयाग संस्था के अध्यक्ष तीर्थपुरोहित प्रदीप पांडेय और दिवाकर पांडेय ने समूहों में संगम पर पिंडदान कराया गया। एक तरफ मुंडन कराने और दूसरी ओर पंक्तिबद्ध होकर पिंडदान करने का सिलसिला दिनभर चला। तीर्थपुरोहितों की चौकियों पर दिन भर दूर-दराज के इलाके से आने वाले वंशजों की भीड़ लगी रही। प्रथम दिन पूर्णिमा तिथि के साथ ही प्रतिपदा का भी श्राद्ध और तर्पण किया गया। संगम में डुबकी लगाने के साथ ही मुंडन कराकर तीर्थ पुरोहितों के निर्देशानुसार लोग तर्पण करते रहे।
प्रदीप के मुताबिक मान्यता है पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों की आत्माएं धरती पर अपने परिवार के लोगों से अपनी मुक्ति और तृप्ति लेने के लिए आती हैं। इसलिए इस दौरान पिंडदान, तर्पण,अर्पण, अन्न, वस्त्र और शैय्या दान का खास महत्व माना जाता है। यह क्रम संगम पर पखवारे भर यानी 14 अक्तूबर तक चलेगा।