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गंगा का जलस्तर बढ़ने से लबालब हुआ फाफामऊ श्मशान घाट, दर्जनों शव बहने की आशंका

Mon, 28 Jun 2021 12:28 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • घाट डूबते ही गंगा में तैरने लगी चिताएं जलाने के लिए मंगाई गई लकड़ियां, घाट से हटाए गए निगम के कर्मचारी
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prayagraj news : गंगा का जलस्तर बढ़ने से लबालब हुआ फाफामऊ घाट। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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गंगा के कछार में बाढ़ का पानी प्रवेश करने के साथ ही फाफामऊ श्मशान घाट डूब गया है। इससे महीने भर से इस घाट पर रेत में दफनाए गए शवों को निकाल कर जलाने का काम नगर निगम को रोकना पड़ गया। इस श्मशान घाट पर शवों को बहने से रोकने के लिए लगाए गए कर्मियों में से एक की साइकिल भी बह गई। दोपहर बाद तक पानी के बीच कई शव दिखाई देते रहे, लेकिन गंगा के प्रवाह में दर्जनों शवों के बहने की आशंका जताई जा रही है।

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prayagraj news : गंगा का जलस्तर बढ़ने से लबालब हुआ फाफामऊ घाट। - फोटो : prayagraj
जलस्तर में वृद्धि होने से फाफामऊ श्मशान घाट पर रात में ही पानी आ गया। रविवार को पूरा घाट डूब गया। इससे नगर निगम को वहां रेत से निकल रही लाशों को जलाने का काम ठप करना पड़ा। पानी बढ़ने के बाद नगर निगम की ओर से तैनात कर्मी भी वहां से हटा लिए गए। दोपहर बाद तक इस घाट पर बांस के घेरे में कई जगह शवों के दफनाए जाने के निशान नजर आते रहे। कहीं इन शवों को जलाने के लिए नगर निगम की ओर से मंगाई गई लकड़ियां बहती रहीं, तो कहीं रामनामी और कफन बहते नजर आ रहे थे।
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prayagraj news : गंगा का जलस्तर बढ़ने से लबालब हुआ फाफामऊ घाट। - फोटो : prayagraj
गंगा के प्रवाह में दर्जनों शवों के भी बहने की आशंका जताई जा रही है। कहा जा रहा है कि कोरोना काल में बीते अप्रैल और मई महीने के दौरान इस घाट पर अंतिम संस्कार के लिए जगह न मिलने की वजह से सैकड़ों लोगों ने रेत में शवों को दफना दिया था। हालांकि उन दिनों जब ये शव रेत हटने से बाहर दिखाई देने लगे और शोर मचने लगा था, तब योगी सरकार ने इन लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कराने का निर्देश दिया था। उसके बाद करीब महीने भर से नगर निगम की ओर से फाफामऊ घाट पर रेत से निकाले जा रहे लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कराया जा रहा था, ताकि इन शवों को गंगा में बहने और प्रदूषण फैलने से रोका जा सके।
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