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PCS J 2022 : याची ने कहा-पीसीएस-जे कॉपियों की अदला-बदली बड़ा भ्रष्टाचार, हाईकोर्ट ने आयोग से मांगा जवाब

Fri, 19 Jul 2024 06:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

यह आदेश न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह व न्यायमूर्ति डी रमेश की खंडपीठ ने दिया हैं। गौरतलब है कि 10 जुलाई को लोकसेवा आयोग से अध्यक्ष संजय श्रीनेत ने हाईकोर्ट में व्यक्तिगत हलफनामे संग सीलबंद रिपोर्ट दाखिल कर पीसीएस जे के परिणामों को लेकर स्थिति को स्पष्ट किया था।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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पीसीएस जे-2022 परीक्षा की कॉपियों की अदला-बदली बड़ा भ्रष्टाचार है। इससे हजारों छात्रों का हित प्रभावित हुआ है। इसलिए मेरी सेवा याचिका को जनहित याचिका में बदला जाए। यह कहना है याची श्रवण पांडेय का। याची की मांग पर लोकसेवा आयोग ने जवाब दाखिल करने का वक्त मांगा। इस पर कोर्ट ने आयोग को तीन हफ्ते की मोहलत दी। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह व न्यायमूर्ति डी रमेश की खंडपीठ ने सुनाया है।

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बतादें कि 10 जुलाई को लोकसेवा आयोग अध्यक्ष संजय श्रीनेत ने हाईकोर्ट में व्यक्तिगत हलफनामे संग सीलबंद रिपोर्ट दाखिल कर पीसीएस जे के परिणामों को लेकर स्थिति स्पष्ट की थी। मामले की संवेदनशीलता के मद्देनजर अदालत ने हलफनामे के तथ्यों के प्रकाशन पर रोक लगा दी थी।

हालांकि, कॉपियां बदले जाने के खुलासे का हवाला देते हुए याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी ने पूरक हलफनामे के साथ संशोधन अर्जी दाखिल की थी। साथ ही सेवा मामले की मौजूदा याचिका को जनहित याचिका में तब्दील कर सुनवाई की मांग की थी। दलील दी गई कि भर्ती प्रक्रिया में हुए भ्रष्टाचार से परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यह मामला हजारों छात्रों के हितों से जुड़ा है।
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प्रतियोगियों का भविष्य संकट में है। हालांकि, कोर्ट ने याची की इस मांग को गैरजरूरी बताते हुए कहा था कि हर पीड़ित के लिए अदालत का दरवाजा खुला है। जो भी पीड़ित है वह खुद याचिका दाखिल कर सकता है।

शुक्रवार को सुनवाई के दौरान याची की ओर से यही मांग फिर से दोहराई गई। जनहित याचिका के स्वरूप में सुनवाई पर जोर दिया गया। इस पर लोकसेवा आयोग ने याची के पूरक हलफनामे संग दाखिल संशोधन अर्जी पर जवाब दाखिल करने की इच्छा जताई। जिस पर तीन हफ्ते की मोहलत दे दी। इसके बाद मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

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