इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार उर्फ सुनील चौधरी ने निरंजनी अखाड़ा बाघंबरी गद्दी प्रयागराज के महंत व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत की सीबीआई जांच की मांग में पत्र याचिका दायर की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष दाखिल इस जनहित याचिका में कहा गया है कि मठ की संपत्ति के गबन को लेकर विवाद है। अखबार की खबर में बड़े पुलिस अधिकारियों व भू माफिया के लिप्त होने की आशंका जताई गई है। इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी की गई है। इसलिए घटना की जांच सीबीआई से कराई जाए या न्यायिक जांच हो या एसआईटी गठित की जाए। पत्र याचिका में जिलाधिकारी व एसएसपी को जांच के दौरान निलंबित करने की भी मांग की गई है। याची का कहना है कि राज्य मशीनरी महंत की सुरक्षा करने में नाकाम रही है।
अखिलेश यादव ने हाईकोर्ट के जज से जांच कराने की मांग की
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग की है। संत के अंतिम दर्शन के लिए बाघंबरी गद्दी मठ पहुंचे अखिलेश ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
मंत्री और अफसरों से मिलना चाहते थे नरेद्र गिरि
पूर्व मुख्यमंत्री दिन में करीब सवा 12 बजे मठ में पहुंचे और महंत को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र गिरि का निधन आहत करने वाला है। वह साधु-संतों ही नहीं, आम जन मानस में भी लोकप्रिय और पूजनीय थे। ऐसे में उनका निधन स्तब्ध करने वाला है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐेसा सुनने में आया है कि महंत नरेंद्र गिरि कई दिनों से परेशान थे। वह एक मंत्री और वरिष्ठ अफसरों से मिलना चाहते थे। ऐसे में संदिग्ध स्थिति में उनका निधन होना कई सवाल खड़े करता है।