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PCS J : बाहर हुए केवल दो, पर कई अभ्यर्थियों की बदली रैंक, आयोग की पूरे प्रदेश में हुई किरकिरी

Sun, 01 Sep 2024 06:30 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

आयोग ने पीसीएस जे परीक्षा-2022 का परिणाम 30 अगस्त 2023 को जारी किया था। इसमें 303 पदों के मुकाबले 302 अभ्यर्थियों को चयनित घोषित किया गया था। एक पद का परिणाम उच्चतम न्यायालय में दाखिल याचिका पर पारित अंतरिम आदेश के मद्देनजर घोषित नहीं किया गया था। हालांकि, संशोधित चयन परिणाम में सभी 303 पदों पर अभ्यर्थियों को चयनित घोषित किया गया है।
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यूपीपीएससी। UPPSC - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीसीएस जे परीक्षा-2022 के अंतिम चयन परिणाम में दो नए अभ्यर्थियों को चयनित किया गया और पूर्व में चयनित दो अभ्यर्थियों का चयन निरस्त कर दिया गया। लेकिन, इस प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग(यूपीपीएससी) को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इससे परिणाम की मेरिट भी प्रभावित हुई। वहीं, कई अभ्यर्थियों की तो रैंक ही बदल गई है।

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आयोग ने पीसीएस जे परीक्षा-2022 का परिणाम 30 अगस्त 2023 को जारी किया था। इसमें 303 पदों के मुकाबले 302 अभ्यर्थियों को चयनित घोषित किया गया था। एक पद का परिणाम उच्चतम न्यायालय में दाखिल याचिका पर पारित अंतरिम आदेश के मद्देनजर घोषित नहीं किया गया था। हालांकि, संशोधित चयन परिणाम में सभी 303 पदों पर अभ्यर्थियों को चयनित घोषित किया गया है।

पूर्व में जारी परिणाम का संशोधित परिणाम से मिलान किया जाए तो रैंक एक से 40 तक कोई परिवर्तन नजर नहीं आ रहा है। लेकिन, 41वीं रैंक से मेरिट प्रभावित हुई है और चयनित अभ्यर्थियों की रैंक बदल गई है। हालांकि, रैंक प्रभावित होने से अभ्यर्थियों के चयन में खास प्रभाव नहीं पड़ा है और दो अभ्यर्थियों का चयन ही निरस्त किया गया है। लेकिन, आयोग जैसे प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित भर्ती संस्थान के लिए यह किसी दाग से कम नहीं।
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अगर मूल्यांकन के दौरान गलत कोडिंग करते समय 50 अभ्यर्थियों की कॉपियों की अदला-बदली न हुई होती तो दो योग्य अभ्यर्थियों का पहले ही चयन हो गया होता। वहीं, पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों को बिना किसी गलती के नौकरी से हाथ न धोना पड़ता। अब आयोग कर्मियों की गलतियों की वजह से पूर्व में चयनित दो अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ा है।

फिलहाल, गलती करने वाले आयोग के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। आयोग ने इससे सीख लेकर भविष्य में ऐसी गलती न हो, इसके लिए कई महत्वपूर्ण कदम भी उठाए हैं। आयोग के सूत्रों का कहना है कि कोडिंग की प्रक्रिया में कोई परिवर्तन तो नहीं किया गया है। लेकिन, कई चरणों में कोडिंग की जांच की व्यवस्था लागू की गई है।

साथ ही भविष्य में मुख्य परीक्षा के आवेदन पत्र में अभ्यर्थियाें की राइटिंग के नमूने भी लिए जाएंगे। ताकि, कोई अभ्यर्थी अपनी कॉपी में राइटिंग बदले जाने का आरोप लगाता है तो इसका सत्यापन कराया जा सके। कॉपियों की अदला-बदली का मामला राइटिंग बदले जाने के आरोपों की जांच के बाद ही सामने आया था। इसके बाद आयोग को तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

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