वर्ष 2014 में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने फूलपुर संसदीय क्षेत्र में कमल खिलाया था तो इस बार विधानसभा चुनाव में यह काम प्रवीण पटेल ने कर दिखाया। लोकसभा हो या फिर विधानसभा, दोनों ही मर्तबा फूलपुर सीट पहली बार भाजपा की झोली में आई। पटेल और मुस्लिम बाहुल्य इस विधानसभा क्षेत्र में जीत की पटकथा लिखने की शुरूआत पिछले साल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने की थी। इस पटकथा पर पूर्ण विराम 20 फरवरी को पीएम मोदी ने लगाया था। जब उन्होंने यहां अंदावा में चुनावी रैली को संबोधित किया था।
इस रैली में पीएम मोदी ने सरदार बल्लभ भाई पटेल का कई बार जिक्र किया था। मोदी को इस बात की जानकारी थी कि यह विधानसभा क्षेत्र पटेल बहुल है। इसके पूर्व पिछले साल मई माह में ही अमित शाह ने यहां एक रैली कर प्रवीण पटेल को भाजपा ज्वाइन करवाई थी। फूलपुर विधानसभा क्षेत्र इसके पूर्व सपा के कब्जे में था। वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में यहां सईद अहमद निर्वाचित हुए थे। तब प्रवीण पटेल बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे।
लेकिन वे दूसरा स्थान ही हासिल कर सके थे। बसपा के टिकट पर प्रवीण पटेल को तब 64998 मत मिले थे, जबकि इस बार यह आंकड़ा 93912 हो गया। भाजपा के टिकट पर फूलपुर किला फतह करने वाले प्रवीण के लिये एक फायदा यह भी रहा कि विरोधी दल सपा और बसपा दोनों ने ही यहां से मुस्लिम प्रत्याशियों को खड़ा किया था। था। ऐसा इसलिए क्योंकि फूलपुर विधानसभा में मुस्लिम वोटरों की संख्या एक लाख से ज्यादा है। दो मुस्लिम प्रत्याशी खड़े हो जाने की वजह से यहां इस वर्ग के मत बंट गए। इसका सीधा फायदा भाजपा के प्रवीण को मिला।
विधायक की प्रोफाइल
0 फूलपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते प्रवीण पटेल वर्ष 2007 में बसपा के टिकट पर पहली बार विधायक बने थे। तब उन्होंने झूंसी विधानसभा क्षेत्र से सपा की विजमा यादव को शिकस्त दी थी। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर से परास्नातक प्रवीण पटेल के खिलाफ किसी भी तरह का कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। पहली बार प्रवीण महज 30 वर्ष की उम्र में ही विधायक बने थे। उनके और उनकी पत्नी के नाम आठ करोड़ 26 लाख रुपये की चल एवं अचल संपत्ति है।
पीएम मोदी के विकास कार्यों ने दिलाई जीत : प्रवीण पटेल
0 फूलपुर विधानसभा में पहली बार कमल खिलाने के बाद अमर उजाला से हुई बातचीत में प्रवीण पटेल ने कहा कि पीएम मोदी के विकास कार्यों की वजह से ही जीत नसीब हुई। कहा कि जीत का सारा श्रेय पीएम मोदी और क्षेत्र की जनता को है। सपा से जनता ऊब गई थी। क्योंकि सपा सरकार के काम नहीं सिर्फ कारनामे बोल रहे थे। कहा कि क्षेत्र का विकास करना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।
जीत का अंतर 26613
किसको मिले कितने वोट
प्रवीण पटेल (भाजपा) 93912
मंसूर आलम (कांग्रेस-सपा) 67299
मो. मशरूर (बसपा) 50421
राम किशुन सिंह (निर्दलीय) 2048
अशोक कुमार दुबे (प्रगतिशील मानव समाज पार्टी) 1596
अन्य प्रत्याशी
विनोद कुमार पांडेय 1147, विनय कुमार भास्कर 922, जवाहर लाल 911, मंजू मौर्य 879, अनिल कुमार शुक्ला 782, प्रमोद चंद्रा 747, तहसीन अहमद 628, शिव चंद्रा 566, विनोद कुमार 461