यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी शराफ, न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की अदालत ने मुरादाबाद रेजिनल कॉन्फ्रेंस मुरादाबाद व अन्य की याचिका पर दिया। याची के वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि विवादित भूमि का स्थायी पट्टा याचियों के पक्ष में वर्ष 1940 में उस समय की सरकार ने किया था। उसी भूमि पर मान्यता प्राप्त टाइटस हाईस्कूल चल रहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टाइटस हाईस्कूल की जमीन के पट्टे को निरस्त करने के मुरादाबाद के डीएम के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही सील की गई संपत्ति को खोलने के लिए निर्देश दिया है। यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता विवादित संपत्ति पर किसी तरह का निर्माण नहीं करेंगे।
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यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी शराफ, न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की अदालत ने मुरादाबाद रेजिनल कॉन्फ्रेंस मुरादाबाद व अन्य की याचिका पर दिया। याची के वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि विवादित भूमि का स्थायी पट्टा याचियों के पक्ष में वर्ष 1940 में उस समय की सरकार ने किया था। उसी भूमि पर मान्यता प्राप्त टाइटस हाईस्कूल चल रहा है।
यूपी अल्पसंख्यक आयोग के एक सदस्य ने शिकायत पर जिला मजिस्ट्रेट मुरादाबाद से सिफारिश की। इसके आधार पर जिला मजिस्ट्रेट ने 13 जुलाई 2024 को आदेश पारित कर याचियों के पक्ष में दिए गए स्थायी पट्टे को रद्द कर दिया। कहा गया कि याची सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना पट्टे की भूमि पर निर्माण नहीं कर सकते। निर्माण कार्य पट्टे के नियमों और शर्तों का उल्लंघन है।
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वहीं, राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कहा कि डीएम ने 13 जुलाई 2024 को स्वतंत्र आदेश पारित किया है। न्यायालय ने कहा कि इस मामले में विवादित प्रश्न शामिल हैं, जिन पर इस न्यायालय में विचार किया जाना आवश्यक है। तीन सप्ताह में जवाबी हलफनामा दायर किया करने का निर्देश दिया। साथ ही अगली तारीख तक डीएम के 13 जुलाई 2024 के आदेश पर रोक लगा दी है।