राजू ने बताया कि उसकी एक बेटी है, जिसकी शादी वह खुद करना चाहता था। उसकी शादी के लिए पैसे की जरूरत पड़ी तो वह 17 जनवरी को तमिलनाडु से नैनी अपने घर आया और अपने नाम की जमीन बेचने के लिए कुछ लोगों से बात की। उसी समय खतौनी निकलवाया तो पता चला कि वह जमीन तो उसके नाम ही नहीं है। करछना तहसील गया तो पता चला कि उसके मकान में किराए पर रह रही नीलम ने कूटरचित तरीके से अपने सभी कागजात में राजू को अपना पति बनाया। बाद में उसे मृत दिखाकर पूरी जमीन व मकान अपने नाम कराकर दूसरों के हाथों बेंच दी। इतना ही नहीं, नीलम ने एक ही जमीन को दो लोगों को बेंची।
एक लाख किया खर्च
राजू ने बताया कि दो महीनों में उन्होंने करी एक लाख रुपये खर्चा कर दिए। फिलहाल काफी प्रयासों के बाद 16 मार्च को आरोपी महिला नीलम शर्मा व उसके दाे बेटों के खिलाफ नैनी थाने की पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जमीन काे राजू के नाम हुई। राजू का आरोप है कि एफआईआर के बाद भी पीडीए उसके नाम मकान नहीं कर रहा है। कई बार जाकर वहां के संबंधित अधिकारियों से इस मामले का सुबूत दे चुका है।