फलक नाज के मुताबिक, उनके पति मो. आकिल तीन भाई हैं। उनके जेठ आजादी के बाद बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए थे। बाकी दो भाइयों का परिवार यहां रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके देवर पढ़े-लिखे हैं। जो नाम हाईस्कूल की मार्कशीट में है, वही आधार कार्ड और पासपोर्ट में भी दर्ज है।
मुट्ठीगंज में रहने वाली फलक नाज शुक्रवार को अपने देवर की शिकायत करने पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने जन सुनवाई कर रहे कमिश्नर रमित शर्मा को बताया कि उनके देवर ने अलग-अलग नामों से दो फर्जी पासपोर्ट बनवाए हैं। वह कई बार पाकिस्तान जा चुका है। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में भी शामिल है। कमिश्नर ने पासपोर्ट नंबर के आधार पर मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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फलक नाज के मुताबिक, उनके पति मो. आकिल तीन भाई हैं। उनके जेठ आजादी के बाद बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए थे। बाकी दो भाइयों का परिवार यहां रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके देवर पढ़े-लिखे हैं। जो नाम हाईस्कूल की मार्कशीट में है, वही आधार कार्ड और पासपोर्ट में भी दर्ज है। बावजूद इसके खुद को अशिक्षित बताते हुए दूसरे नाम से भी पासपोर्ट बनवा लिया है।
कमिश्नर के समक्ष फलक से आरोप लगाया कि उनका देवर दोनों पासपोर्ट से कई देशों की यात्राएं कर चुका है। पाकिस्तान में रह रहे उनके जेठ को भी गैरकानूनी तरीके से नेपाल के रास्ते भारत ला चुका है। उनका भी शकील नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाकर दुबई ले जा चुका है। वह जेठ को यह कहकर डराता है कि हिंदुस्तान जाओगे तो पुलिस जेल में डाल देगी।