पता चला कि 11 जून को ही उसने घर छोड़ दिया। पुलिस ने उसके कई संभावित ठिकानों पर छापामारा, लेकिन वह नहीं मिला। सूत्रों के मुताबिक यह पता चला है कि वह छत्तीसगढ़ छोड़कर झारखंड भाग निकला है। दरअसल, झारखंड में वह पहले काफी समय तक रहा है और उसके कई परिचित वहां रहते हैं। नैनी प्रभारी यशपाल सिंह ने बताया कि टीमें लगाई गई हैं। उसके हर संभावित ठिकाने पर दबिश दी जा रही है।
पैनल लेकर राहुल संचालित कर रहा था गिरोह
सूत्रों के मुताबिक पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि राहुल साव किसी बेटिंग एप से पैनल लेकर इस पूरे खेल को कई शहरों में संचालित कर रहा था। इसमें एप कंपनी और उसके बीच 70:30 की प्रॉफिट डील की बात तय हुई थी। अपना प्रॉफिट निकालकर वह अलग-अलग शहरों में चल रहे अपने मिनी सेंटरों पर यूजरों से जमा की गई राशि को बेटिंग एप के मालिकों तक पहुंचाता था। यह पैसा भी सीधे न जाकर पहले डिजिटल करंसी में एक्सचेंज कराया जाता था और फिर ट्रांसफर किया जाता था।