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सवालों में अफसर, बिना अनुमति कैसे बिकी दूसरे बांड की शराब?

Sat, 21 Nov 2020 01:38 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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ठेके पर जांच करते अफसर। - फोटो : अमर उजाला
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जहरीली शराब पीने से पांच मौतों के मामले में आबकारी विभाग अफसरों की भी भूमिका सवालों के घेरे में है। दरअसल यह बात भी सामने आई है कि सरकारी ठेके से बिना अनुमति वाले ब्रांड की भी शराब बेची जा रही थी। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेके से बिक रही धमाका ब्रांड की शराब पीने के बाद मृतकों की हालत बिगड़ी थी। जबकि आबकारी अफसर ठेके से इस ब्रांड की शराब बिकने की बात से इंकार करते रहे। 
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सूत्रों के मुताबिक, एक के बाद एक पांच मौतों के बाद अमिलियां गांव स्थित ठेके को आक्रोशित ग्रामीणों ने घेर लिया था। वहां जब ठेके से बिकने वाली शराब की शीशियां निकलवाई गईं तो उनमें दो ब्रांड की शराब निकली। इनमें विंडीज लाइम के साथ ही धमाका ब्रांड की शराब की शीशी शामिल थी। विंडीज लाइन शराब की शीशी पर जहां हरे रंग का रैपर था वहीं धमाका ब्रांड की शराब पर लाल व सफेद रंग का रैपर लगा था।

मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेके पर विंडीज लाइम ब्रांड की शराब बेचने की ही अनुमति है लेकिन संचालक नियमविरुद्ध तरीके से धमका ब्रांड की शराब भी बेचता था। आरोप लगाया कि इसी शराब को पीने के बाद मृतकों की हालत बिगड़ी और फिर उनकी मौत हो गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने न सिर्फ यह आरोप लगाया बल्कि दुकान से निकलवाई गई शीशियों को सुरक्षित भी रख लिया। उनका यह कहना था कि संचालक की इस कारगुजारी को वह अफसरों के समक्ष रखेंगे।
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उधर इस मामले में जिला आबकारी अधिकारी संदीप बिहारी मोडवेल से बात की गई तो उनका कहना था कि जिले में स्थित देशी शराब के ठेकों में विंडीज लाइम ब्रांड की ही शराब बेची जा रही है। किसी अन्य बांड की शराब बिक्री की बात से उन्होंने इंकार किया। यह पूछने पर कि अमिलिया स्थित ठेके पर क्या धमाका ब्रांड की शराब बिकने की बात सामने आई है, उनका कहना था कि इस ब्रांड की कोई शराब उन्हें  संबंधित ठेके पर फिलहाल नहीं मिली है। 

चोरी-छिपे बिक्री में होता है खेल

सूत्रों का कहना है कि देशी शराब के ठेकों पर शराब की बिक्री के नाम पर चोरी-छिपे खेल किया जाता है। खासतौर से देहात के इलाकों में स्थित ठेकों पर उन ब्रांड की शराब भी चोरी-छिपे बेची जाती है, जिनकी अनुमति आबकारी विभाग की ओर से नहीं होती। कीमत कम होने की वजह से लोग इसे खरीद लेते हैं और कई बार यही उनके लिए खतरनाक साबित होती है। कई बार लापरवाही के चलते अफसरों को इसकी खबर नहीं मिलती तो कई बार सबकुछ जानते हुए भी वह आंखें मूंदें बैठे रहते हैं। 

सैंपल एकत्रित कर जांच के भेजा

आबकारी अफसरों ने बताया कि संबंधित ठेके पर मौजूद शराब का सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेज दिया गया है। हालांकि अफसर देर रात तक यह दावा करते रहे कि अमिलियां गांव स्थित ठेके से ही शराब खरीदकर पीने वाले कई अन्य ग्रामीण पूरी तरह से स्वस्थ हैं। फिर भी एहतियातन इनमें से कुछ को अस्पताल भेज दिया गया है।
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