मिशन रफ्तार के तहत देश के दो सर्वाधिक व्यस्त रेल मार्ग दिल्ली-इलाहाबाद-हावड़ा मार्ग पर ट्रेनों की गति 160 किलोमीटर प्रतिघंटा करने की मंजूरी सरकार ने दे दी है।
वित्तीय वर्ष 2022-2023 तक दिल्ली-हावड़ा मार्ग सभी यात्री ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा हो जाएगी। इस कार्य के लिए रेलवे 6685 करोड़ रुपये खर्च करेगा। वर्तमान समय इस रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 130 किमी प्रतिघंटा है।
दरअसल, मिशन रफ्तार के तहत ट्रेनों की औसत गति को सुधारने का काम चल रहा है। वर्तमान समय में देश में एक मात्र ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस ही है, जिसकी एनसीआर जोन में औसत स्पीड 104 किमी प्रति घंटा है। दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग की बात करें तो इसकी कुल लंबाई 1525 किलोमीटर है। अधिकतम स्पीड बढ़ने और औसत स्पीड बढ़ने से आने वाले दिनों में यहां यात्रा समय में कुल पांच घंटे की कमी आएगी।
एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह के मुताबिक आने वाले दिनों में सभी एक्सप्रेस ट्रेनों को भी एलएचबी रैक से लैस कर दिया जाएगा। जो ट्रेनें एलएचबी रैक से लैस हुई हैं, उनकी औसत एवं अधिकतम स्पीड में भी इजाफा हुआ है।
ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के पूर्व इस रेलखंड में ट्रैक के दोनों ओर दीवार, स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, मोबाइल ट्रेन रेडियो कम्यूनिकेशन के साथ सभी लेवल क्रांसिंग हटाई जाएगी। परियोजना के निर्माण के दौरान 3.6 मानव दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार भी मिलेगा। साथ ही इस मार्ग पर प्रवाह क्षमता 30-35 प्रतिशत बढ़ेगी।