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IIIT : जरूरत के हिसाब से तैयार होगी अब इलेक्ट्रिक साइकिल, ट्रिपलआईटी के छात्रों ने निजी कंपनी के साथ किया करार

Wed, 24 May 2023 04:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

गुगलोथ विजय नायक बताते है कि अभी तक उन्होंने एक बार में तीस किलोमीटर तक जाने के लिए साइकिल डिजाइन की है। जिसकी कीमत 22 हजार रुपये है। अभी तक की तकनीकि के हिसाब से 60 किलोमीटर तक जाने के लिए साइकिल तैयार की जा सकती है।
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इलेक्ट्रिक साइकिल। सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बाजार में उपलब्ध साइकिल निश्चित दूरी ही तय करती है, लेकिन ट्रिपल आईटी के छात्रों ने ऐसी तकनीकि तैयार की है, जो लोगों का उनकी जरूरत के हिसाब से इलेक्ट्रिक साइकिल तैयार होगी। इसके साथ ही यह मैनूवल भी कार्य करेगी। यानी सुविधा के साथ ही फिटनेस में भी यह लोगों के लिए मददगार होगा।

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बाजार में इलेक्ट्रिक साइकिलें तो पहले से मौजूद हैं, इनकी शुरूआत करीब 25 हजार से होती है। यह साइकिलें निश्चित दूरी ही तय करती है, लेकिन भारतीय सूचना प्रद्योगिकी संस्थान के एप्लाइड साइंस से एमटेक कर रहे गुगलोथ विजय नायक, पीएचडी छात्र विशाल और आईटी के पुरा छात्र रविशंकर ने लोगाें की सुविधा के हिसाब से ऐसा मोटर और कंट्रोलरल डिजाइन किया है, जो उनकी जरूरत के हिसाब से पुरानी साइकिल को इलेक्ट्रिक साइकिल में बदल देगा।

गुगलोथ विजय नायक बताते है कि अभी तक उन्होंने एक बार में तीस किलोमीटर तक जाने के लिए साइकिल डिजाइन की है। जिसकी कीमत 22 हजार रुपये है। अभी तक की तकनीकि के हिसाब से 60 किलोमीटर तक जाने के लिए साइकिल तैयार की जा सकती है। इसके अलावा अगर किसी को प्रतिदिन 10 से 12 किलोमीटर तक ही जाना है और उसके पास कोई भी पुरानी साइकिल है, तो उसको इलेक्ट्रिक साइकिल बनाने में करीब 10 हजार रुपये का खर्च आएगा। जबकि बाजार में इतनी कम कीमत पर साइकिल उपलब्ध नहीं है।

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तीनों छात्रों ने शुरू किया है स्टार्टअप

तीनों छात्रों ने इसके लिए अपना ईको-सी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम से स्टार्टअप शुरू किया है। छात्रों की तकनीकि को देखते हुए अम्बेडकर सोशल इनोवेशन इंक्यूबेशन मिशन ने छात्रों के साथ एमओयू साइन किया है। साथ ही छात्रों की कंपनी में 30 लाख रुपये का निवेश किया है। गुगलोथ विजय नायक बताते है कि यह पर्यावरण संरक्षण में भी यह सहायक होगी। रूपांतरित साइकिल इलेक्ट्रॉनिक गतिविधियों के माध्यम से खुद ही चलेगी। साथ ही इसे सामान्य साइकिल के रूप में भी प्रयोग किया जा सकेगा।

इसका नियमित इस्तेमाल करने से लोगों का मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। इसके साथ ही लोगों को यह व्यायाम करने का एक नया अनुभव देगी। ईको-सी प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से तैयार होने वाली इलेक्ट्रिक साइकिल हानिकारक इधन (पेट्रोल , डीज़ल, गैस) पर निर्भर नहीं रहेगी। गुगलोथ विजय नायक ने बताया कि साइकिल में वर्तमान में उपयोग किए जा रहे सभी उपकरण आगामी तकनीकों के साथ जुड़ने के लिये पूरी तरह से अनुकूल है।
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ट्रिपलआईटी के छात्रों ने शुरू की साइकिल को इलेक्ट्रिक बनाने की कंपनी

भारतीय सूचना प्रद्योगिकी संस्थान के तीन छात्रों से साधारण साइकिल को इलेक्ट्रिक साइकिल बनाने की कंपनी तैयारी की है। जो पर्यावरण संरक्षण के साथ ही लोगों को शहर में किफायत में यात्रा करने में भी मददगार होगी। ट्रिपल आईटी के छात्रों ने ईको -सी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम से अपना स्टार्टअप तैयार किया है। इसके लिए अम्बेडकर सोशल इनोवेशन इंक्यूबेशन मिशन से एमओयू भी साइन किया है। कंपनी ने 30 लाख रुपये का निवेश इस स्टार्टअप पर किया है।

ईको-सी प्राइवेट लिमिटेड स्थायी परिवहन या शहरी आवागमन के लिए किफ़ायती रहेगा। स्टार्टअप करने वाले तीन छात्रों गुगलोथ विजय नायक, रवि शंकर एवं विशाल ने बताया कि साधारण साइकिल को इलेक्टि्रक साइकिल के रूप में तैयार करने में 16 से 18 हजार रुपये तक का खर्च आएं। यह नियमित रूप से प्रति दिन 20 किलोमीटर तक का सफर आसानी से तय कर लेगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी यह सहायक होगी।

रूपांतरित साइकिल इलेक्ट्रॉनिक गतिविधियों के माध्यम से खुद ही चलेगी। साथ ही इसे सामान्य साइकिल के रूप में भी प्रयोग किया जा सकेगा। इसका नियमित इस्तेमाल करने से लोगों का मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। इसके साथ ही लोगों को यह व्यायाम करने का एक नया अनुभव देगी। ईको-सी प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से तैयार होने वाली इलेक्रोनिक साइकिल हानिकारक इधन (पेट्रोल , डीज़ल, गैस) पर निर्भर नहीं रहेगी। गुगलोथ विजय नायक ने बताया कि साइकिल में वर्तमान में उपयोग किए जा रहे सभी उपकरण आगामी तकनीकों के साथ जुड़ने के लिये पूरी तरह से अनुकूल है।
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