यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता और न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ ने जौनपुर के महराजगंज निवासी संदीप यादव की याचिका पर दिया है। याची ने एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने से इन्कार कर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, सात साल से कम सजा वाले अपराध के आरोप में दर्ज एफआईआर के तहत गिरफ्तारी के लिए पुलिस को बीएनएसएस की धारा-35 का पालन करना होगा।
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यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता और न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ ने जौनपुर के महराजगंज निवासी संदीप यादव की याचिका पर दिया है। याची ने एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि संज्ञेय अपराध का खुलासा करने वाले आरोपों पर अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
हालांकि, सात साल से कम की सजा वाले अपराधों में विवेचना के लिए जरूरी होने पर अदालत की अनुमति से गिरफ्तारी करने का नियम है। इसके लिए पुलिस को धारा-35 व सुप्रीम कोर्ट के अरुणेश कुमार मामले में जारी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।