एनआईआरएफ रैंकिंग वर्ष 2016 से शुरू की गई थी। पहली बार इविवि को 68वां स्थान मिला था, जबकि वर्ष 2017 में इविवि 27 पायदान नीचे आ गया था और उसे 95वें स्थान से संतोष करना पड़ा था।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) के तहत शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग सूची जारी कर दी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) को लगातार तीसरी बार झटका लगा और विश्वविद्यालय टॉप 200 की सूची में भी अपनी जगह नहीं बना सका। वहीं, मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) ने ओवरऑल श्रेणी में 88वां और इंजीनियरिंग कॉलेजों की श्रेणी में 42वां स्थान हासिल किया, जबकि भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) को इंजीनियरिंग कॉलेजों की श्रेणी में 87वां स्थान प्राप्त हुआ है।
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एनआईआरएफ रैंकिंग वर्ष 2016 से शुरू की गई थी। पहली बार इविवि को 68वां स्थान मिला था, जबकि वर्ष 2017 में इविवि 27 पायदान नीचे आ गया था और उसे 95वें स्थान से संतोष करना पड़ा था। 2018 में इविवि टॉप 100 विश्वविद्यालयों की सूची से भी बाहर हो गया और उसे 144वां स्थान मिला। रैंकिंग के मामले में इविवि की स्थिति लगतार बिगड़ती गई। पहले 2019, फिर 2020 और अब 2021 में भी इविवि देश के टॉप 200 विश्वविद्यालयों की सूची में अपनी जगह नहीं बना सका है। इसके पीछे कई कारण माने जा रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि रैंकिंग में पर्सेप्शन के भी अंक निर्धारित होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय की छवि बिगड़ी है और रैंकिंग में पिछडने की यह प्रमुख वजह है। वहीं, इविवि में एनआईआरएफ के चेयरमैन प्रो. एसआई रिजवी का कहना है कि विश्वविद्यालय ने अपने स्तर से पूरा प्रयास किया, लेकिन कुछ कारणों से हम पीछे रह गए। विश्वविद्यालय में हर साल 20 शिक्षक रिटायर हो रहे हैं। नई भर्ती नहीं हो रही है।
छात्रों की संख्या लगतार बढ़ रही है। इसका असर शिक्षक-छात्र अनुपात, शोध और उन तमाम शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ता है, जिसे आधार मानकर एनआईआरएफ रैंकिंग निर्धारित की जाती है। विश्वविद्यालय जल्द ही शिक्षक भर्ती शुरू करने जा रहा है। शिक्षकों की संख्या बढ़ेगी तो शोध भी अधिक होंगे। श्क्षिक-छात्र अनुपात भी संतुलित होगा। निश्वित तौर पर अगली रैंकिंग में इसका असर देखने को मिलेगा।
‘विश्वविद्यालय में पिछले कुछ महीनों में स्थिति में काफी सुधार करने का प्रयास किया जा रहा है। किसी भी संस्थान की एनआईआरएफ रैंकिंग लंबे समय के प्रयासों का नतीजा होती है। हमें पूरी आशा है कि विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के समग्र और सार्थक प्रयासों से आने वाले महीनों में हम विश्वविद्यालय की रैंकिंग सुधारने में अवश्य सफल होंगे।’ प्रो. संगीता श्रीवास्तव, कुलपति, इविवि
एमएनएनआईटी ने लगाई पांच पायदान की छलांग
मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआइटी) ने एनआईआरएफ रैंकिंग की ओवरऑल श्रेणी में पांच पायदान की छलांग लगाई है। संस्थान को 43.04 अंकों के साथ 88वीं रैंक मिली है, जबकि पिछली बार ओवरआल श्रेणी में में 93वां स्थान मिला था। वहीं, रैंकिंग की इंजीनियरिंग कॉलेजों की श्रेणी में संस्थान छह पायदान ऊपर गया है। एमएनएनआईटी को 51.90 अंकों के साथ 42वीं रैंक मिली है और पिछली बार इसी श्रेणी में 48वां स्थान प्राप्त हुआ था। एमएनएनआईटी के निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी का कहना है कि इस उपलब्धि के लिए संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी, छात्र और पुरा छात्र बधाई के पात्र हैं। उनके प्रयासों से ही एमएनएनआइटी को यह उपलब्धि मिली है।
टॉप 100 में ट्रिपल आईटी, बेहतर करने का प्रयास
ट्रिपल आईटी को ओवरऑल रैंकिंग में तो कोई स्थान नहीं मिला, लेकिन इंजीनियरिंग कॉलेजों की श्रेणी में स्थान ने टॉप 100 में जगह बनाते हुए 40.28 अंकों के साथ देश भर में 87वीं रैंक हासिल की। संस्थान के निदेशक प्रो. पी. नागभूषण काकहना है कि अगले वर्ष और बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। इंजीनियरिंग कॉलेज की श्रेणी में संस्थान को टॉप 100 में जगह मिलने पर उन्होंने संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों को बधाई दी है।