यह है पूरा मामला
बिहार के जोगबनी से आनंद विहार जा रही सीमांचल एक्सप्रेस से बृहस्पतिवार को 93 बच्चे प्रयागराज जंक्शन पर उतारे गए थे। आरोप था कि उन्हें तस्करी कर ले जाया जा रहा है। बच्चों के साथ नौ लोग थे। बाद में पता चला कि बच्चे पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज आदि जिलों के हैं। इसके बाद बच्चों को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया गया था।
तहरीर में यह लगाया आरोप
बचपन बचाओ आंदोलन के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर देशराज सिंह की तहरीर के मुताबिक, बाल कल्याण समिति की ओर से की गई काउंसिलिंग के बाद की यह बताया गया कि नाबालिग बालकों को परिजनों की सहमति पत्र के बगैर राजस्थान, हरियाण व दिल्ली के मदरसों में ले जाया जा रहा था। एक सीट प 10-10 बच्चों को अमानवीय तरीके से बैठाया गया था। इस तरह से बगैर अभिभावकों के सहमति पत्र के ले जाना व सुविधाओं का ध्यान न रखना किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।