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Prayagraj : निहारिका वेंचर्स के एमडी की पत्नी ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा, गिरफ्तारी पर रोक की गुहार

Thu, 20 Jun 2024 03:01 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

चार सौ करोड़ रुपये की ठगी के मामले में फरार चल रही निहारिका वेंचर्स के एमडी और उसकी पत्नी निहारिका द्विवेदी ने गिरफ्तारी से रोक के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनकी अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी है। 
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निहारिका द्विवेदी और अभिषिक द्विवेदी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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प्राॅपर्टी-शेयर में निवेश के नाम पर 400 करोड़ की धोखाधड़ी के केस में फरार चल रही निहारिका वेंचर्स के एमडी अभिषेक द्विवेदी की पत्नी निहारिका द्विवेदी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। निहारिका की ओर से एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ बृहस्पतिवार को सुनवाई करेगी। पुलिस को निहारिका की आखिरी लोकेशन गोविंदपुर स्थित घर में और अभिषेक की लोकेशन आयोध्या में मिली थी। लेकिन, इनकी अबतक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

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छह जून को सिविल लाइंस स्थित निहारिका वेंचर्स में प्राॅपर्टी-शेयर में निवेश करने के नाम पर 400 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया था। यह कंपनी रियल एस्टेट और शेयर बाजार में लोगों को पांच से छह फीसदी मुनाफे का लालच देकर मोटी रकम निवेश करवाती थी। निवेशकों का आरोप है कि पिछले दो महीने से कंपनी ने लोगों के पैसे रोक लिए। कंपनी में प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी समेत अन्य शहर के रहने वाले लोगों ने निवेश किया है। सूत्रों के मुताबिक इस कंपनी ने अब तक लगभग 500 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बनाया है।

अबतक सिर्फ एक गिरफ्तार

निवेशक कौशल यिंह समेत अन्य पीड़ितों की तहरीर पर प्रयागराज के शिवकुटी थाने की पुलिस ने गोविंदपुर निवासी एमडी अभिषेक द्विवेदी, उनकी पत्नी निहारिका और पिता ओमप्रकाश के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अब तक पुलिस ने अभिषेक के पिता ओम प्रकाश को गिरफ्तार किया है, जबकि अभिषेक और उनकी पत्नी निहारिका को पुलिस तलाश रही है। गिरफ्तारी से बचने के लिए निहारिका ने हाईकोर्ट ने याचिका दाखिल की है।

शहर में ही 200 से अधिक लोगों से ठगी

पुलिस को दी तहरीर में काैशल ने आरोप लगाया है कि सिविल लाइंस में निहारिका वेंचर्स नाम की कंपनी है। यह कंपनी रियल एस्टेट और शेयर बाजार में लोगों का पैसा निवेश करती है। लालच दिया जाता है कि हर महीने पांच से छह फीसदी मुनाफा दिया जाएगा। इसी लालच में फंसकर कौशल ने भी 35 लाख रुपये निवेश कर दिया। कौशल के मुताबिक उनके जैसे प्रयागराज में ही 200 से अधिक लोगों ने लाखों रुपये निवेश किए हैं। कंपनी ने अपना सिविल लाइंस स्थित ऑफिस बंद कर दिया है।

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2020 में खोली थी कंंपनी

पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि कंपनी की शुरुआत वर्ष 2020 में हुई थी। उस दाैरान कंपनी सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर के पास थी। लेकिन, तब वह ऑफिस किराये पर था। बाद में निहारिका वेंचर्स एंड डेवलपर्स ने अपना व्यावसायिक ऑफिस सिविल लाइंस स्थित लैंडमार्क में ले लिया था। छह महीने पहले ही यहां ऑफिस शिफ्ट किया गया था। लेकिन, जब पीड़ितों को पैसा नहीं मिला तो ऑफिस बंद होने के बारे में निवेशकों को जानकारी हुई।

इन-इन जगहों पर मिली 14 संपत्तियां

गोविंदपुर में इनके अपने घर के अलावा अलकनंदा में तीन अपार्टमेंट हैं। सिविल लाइंस के सरोजनी अपार्टमेंट में एक फ्लैट, सिविल लाइंस के साईं लैंडमार्क में एक ऑफिस, नैनी स्थित रुद्रा आकृति में तीन फ्लैट, झूंसी के पारस नारायण में दो फ्लैट हैं। वहीं, लखनऊ में यमुना विहार काॅलोनी में एक घर है, जो निहारिका के नाम से हैं। इसके अलावा मिर्जापुर में एक प्लाट और नोएडा के वेब अपार्टमेंट में एक फ्लैट हैं। यह संपत्ति ओमप्रकाश, निहारिका, अभिषेक व उसके भाई के नाम पर है। पुलिस इन सभी संपत्तियों को लेकर रिपोर्ट तैयार की है।

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