छह साल बाद अदालत ने सुनाया फैसला
इसके बाद पुलिस को खबर की गई। तिहरे हत्याकांड की खबर पा कर घर पहुंचे सौरभ ने खूब आंसू बहाए। हालांकि, तहकीकात के दौरान पुलिस के खोजी कुत्ते ने सौरभ की ओर इशारा किया तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की। इस दौरान सौरभ ने हत्या की बात कुबूल की थी। इस आधार पर पुलिस ने ट्रायल कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। करीब छह साल चले ट्रायल के दौरान अभियोजन की ओर से डीजीसी क्रिमिनल ने दस गवाहों को परीक्षित करवाया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ उपलब्ध सुबूतों के आधार पर बुधवार को जिला जज संतोष राय की अदालत ने सौरभ चौरसिया उर्फ उस्मान गनी ने तिहरे हत्याकांड का दोषी करार दिया।