नगर निगम एक अप्रैल से गृहकर की नई दरें लागू करेगा। 2 लाख 17 हजार भवन स्वामी इस प्रस्तावित गृहकर वृद्धि से प्रभावित होंगे। मौजूदा दरों में करीब 75 फीसदी वृद्धि से नगर निगम की झोली भरेंगी लेकिन शहरियों की जेब पर बोझ बढ़ जाएगा। अनुमान के मुताबिक अगले वित्तीय वर्ष में निगम गृहकर के मद में 100 करोड़ से अधिक धनराशि वसूल करेगा।
इस वित्तीय वर्ष में नगर निगम के कर विभाग ने गृहकर के मद में 66 करोड़ वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया है। 20 फरवरी तक 56 करोड़ से अधिक की वसूली की जा चुकी है। शेष मामलों में अधिकतर विवादित हैं। कुछ ऐसे बड़े बकाएदार हैं, जिन्हें कर भुगतान के लिए शासन से बजट और अनुमति का इंतजार है। व्यावसायिक भवनों से वसूली का मामला भी अभी लंबित है।
नगर निगम सदन के निर्णय के मुताबिक एक अप्रैल से गृहकर की नई दरों से वसूली की जाएगा। नए बिल की धनराशि डेढ़ गुना से अधिक होगी। अब तक की गणना में अगले साल 100 करोड़ रुपये से अधिक गृहकर के मद में वसूले जाएंगे। पांच इलाकों को छोड़ दिया जाए तो सभी 80 वार्डों में रहने वाले भवन स्वामियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
गृहकर की नई दरें एक अप्रैल से प्रभावी होंगी। नोटिफिकेशन में चिह्नित त्रुटियों को भी दूर किया जाएगा। फिलहाल बकाया वसूलने पर जोर है। - रवि रंजन, नगर आयुक्त