17वीं लोकसभा में विपक्षी दलों के सांसदों के निलंबन के बीच पारित तीन आपराधिक कानूनों को लेकर वकीलों में रोष है। एक जुलाई से पूरे देश में लागू होने जा रही भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम के क्रियान्वयन पर रोक की मांग को लेकर ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन से जुड़े वकीलाें ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रयागराज के सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा है।
लाॅयर्स यूनियन के ज्ञापन में कहा गया है कि कानूनों के ड्राफ्ट को सार्वजनिक कर आपत्तियां नहीं मांगी गईं। अधिकांश धाराओं को यथावत छोड़कर कुछ धाराओं की संख्या बदली कर गलतफहमी और वित्तीय भार थोपा गया है। सरकार के विरोध को देशद्रोह बनाया जाना लोकतंत्र की हत्या है। पुलिस हिरासत अवधि को बढ़ाकर लाेगों की स्वतंत्रता पर हमला किया गया है। वकीलों ने मांग की है कि एक जुलाई से लागू होने वाले तीनों आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन पर रोक लगा कर, संसद में विस्तृत चर्चा के बाद लागू किया जाए।
इस अवसर पर लॉयर्स यूनियन के अध्यक्ष अरविंद कुमार राय, सचिव आशुतोष कुमार तिवारी, यशवंत सिंह, राधेश्याम द्विवेदी, रेखा सिंह, जितेन्द्र कुमार सिंह, जीतू यादव , कुमार सिद्धार्थ, श्रेया सिंह, पुष्पांजलि चौधरी,श्रीष्टी यादव, अनुभव द्विवेदी,मानस चिरविजय आदि मौजूद रहे।