प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में नेट-जेआरएफ अभ्यर्थियों को सीधे मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। वहीं, जिन विषयों में नेट-जेआरएफ नहीं है, वहां प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दाखिले होंगे। राज्य विवि ने पीएचडी प्रवेश के लिए सीट निर्धारण व गाइड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
राज्य विवि ने वर्ष 2023 में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से पीएचडी में दाखिले की प्रक्रिया शुरू की थी। वर्ष 2024 में राज्य विवि की ओर से प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं की गई, बल्कि यह तय हुआ कि यूजीसी की नेट-जेआरएफ व पीएचडी के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम से पीएचडी में दाखिले लिए जाएंगे। हालांकि, वर्ष 2024 में दाखिले नहीं लिए जा सके।
इस बार राज्य विवि नेट-जेआरएफ व पीएचडी के लिए आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा में क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर इंटरव्यू के लिए बुलाएगा और साक्षात्कार के बाद प्रवेश देगा। कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि राज्य विवि ने विश्वविद्यालय परिसर व संबद्ध महाविद्यालयों में पीएचडी के लिए गाइड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उन्होंने बताया कि इसके लिए शिक्षकों को पत्र लिखा गया है। इसके साथ ही पीएचडी की सीट निर्धारण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। विश्वविद्यालय की ओर से जल्द ही विज्ञापन जारी कर आवेदन मांगे जाएंगे। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा। इसके बाद उनका साक्षात्कार होगा। नेट-जेआरएफ के 70 फीसदी व इंटरव्यू के 30 फीसदी अंक जोड़कर फाइनल मेरिट तैयार की जाएगी।
कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह के अनुसार जिन विषयों में नेट-जेआरएफ नहीं है, उनमें पीएचडी प्रवेश के लिए राज्य विश्वविद्यालय अपने स्तर पर अलग से प्रवेश परीक्षा आयोजित कराएगा। प्रवेश परीक्षा के आधार पर अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा और इसके बाद प्रवेश परीक्षा के 70 फीसदी व इंटरव्यू के 30 फीसदी अंकों को जोड़कर अंतिम मेरिट तैयार की जाएगी।