डॉक्टर परिवार के एक करीबी का दावा है कि उनके बेटे राज ने कुछ समय तक कोटा में रहकर नीट की तैयारी की है। उसका पटना भी आना जाना लगा रहता था। संभव है कि उसने उसे अपना तत्कालीन पता पटना ही बताया हो। फिलहाल बिहार पुलिस दोनों की तलाश में लगी हुई है। उधर डॉक्टर भी लापता हैं। उनका नंबर शुक्रवार को भी बंद रहा। इस संबंध में जब हॉस्पिटल मैनेजर केके शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह बाहर हैं और बाद में बात करेंगे।
परीक्षा केंद्र प्रबंधन की भूमिका की भी जांच
बिहार पुलिस राज व सॉल्वर की तलाश करने के साथ परीक्षा केंद्र प्रबंधन की भूमिका की भी जांच में जुटा है। दरअसल जांच में यह बात भी सामने आई है कि फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद भी सॉल्वर को परीक्षा देने का मौका दिया गया। बायोमीट्रिक मिलान के दौरान ही यह साफ हो गया था कि वह मूल अभ्यर्थी नहीं है। इस प्रकरण की सूचना पर पहुंचे मिठनपुरा थाने के पुलिसकर्मी रामकृष्ण परमंस की ओर से लिखित बयान दिया गया है कि कहने के बावजूद केंद्र प्रबंधन ने मौके से जब्त सामान व सॉल्वर को उन्हें नहीं सौंपा। एफआईआर दर्ज कराने की बात से भी मना कर दिया। साथ ही बाद में सॉल्वर को भी छोड़ दिया।