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रेलवे : नौचंदी, कालिंदी और ऊंचाहार एक्सप्रेस को मिलेगा एलएचबी रेक, रेलवे ने शुरू की तैयारी

Mon, 23 Oct 2023 02:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कालिंदी एक्सप्रेस को लेकर कहा जा रहा है दिसंबर के पहले सप्ताह से इसमें जर्मन तकनीक वाले एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश )रेक लग जाएंगे। अभी इसका संचालन आईसीएफ कोच से हो रहा है।
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एलएचबी कोच। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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संगम से सहारनपुर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस और प्रयागराज संगम-चंडीगढ़ ऊंचाहार एक्सप्रेस को एलएचबी रेक मिलेगा। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसी वित्तीय वर्ष इन दोनों ही ट्रेनों को एलएचबी रेक मिल जाएगा। दिसंबर माह में प्रयागराज से भिवानी जंक्शन जाने वाली कालिंदी एक्सप्रेस को भी एलएचबी रेक मिलने जा रहा है। इससे इन तीनों ही ट्रेनों की स्पीड में इजाफा भी रेलवे द्वारा किया जाएगा।

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कालिंदी एक्सप्रेस को लेकर कहा जा रहा है दिसंबर के पहले सप्ताह से इसमें जर्मन तकनीक वाले एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश )रेक लग जाएंगे। अभी इसका संचालन आईसीएफ कोच से हो रहा है। एलएचबी रेक लगने के बाद ट्रेन की स्पीड में भी इजाफा हो जाएगा और प्रयागराज से भिवानी तक पहुंचने में ट्रेन 30 मिनट का कम समय लेगी। एक दिसंबर से ही ट्रेन की स्पीड बढ़ने के साथ ही उसका नंबर भी बदल जाएगा।

वर्तमान में कालिंदी का नंबर प्रयागराज से 14723 एवं भिवानी से 14724 है, जबकि एक दिसंबर से इसका प्रयागराज से नंबर 14117 एवं भिवानी से 14118 हो जाएगा। इसी क्रम में प्रयागराज संगम-सहारनपुर नौचंदी एक्सप्रेस और प्रयागराज संगम-चंडीगढ़ ऊंचाहार एक्सप्रेस में भी एलएचबी रेक इसी वित्तीय वर्ष में लग जाएगा। वर्तमान समय नौचंदी में आईसीएफ के 23 एवं ऊंचाहार एक्सप्रेस में आईसीएफ के 24 कोच लगे हुए हैं। फिलहाल उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने इन दोनों ही ट्रेनों में एलएचबी रेक लगाए जाने की अनुमति दे दी है। रेक मिलते ही दोनों ट्रेनों में एलएचबी रेक लगा दिया जाएगा। दोनों ही ट्रेनों 22-22 कोच की रहेंगी।

एलएचबी रेक की खासियत

एलएचबी कोच यात्रियों के लिए काफी आरामदायक होता है। दुर्घटना की स्थिति में ये कोच कम क्षतिग्रस्त होते हैं और यात्रियों के सुरक्षित रहने की संभावना बढ़ जाती है। राजधानी, शताब्दी और दुरंतो समेत तमाम महत्वपूर्ण ट्रेनों में एलएचबी रेक ही लगे हुए हैं। इसके स्लीपर और एसी के सभी कैटेगरी के कोच में बर्थ की संख्या ज्यादा होती है। आईसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) के मुकाबले इनकी लंबाई ज्यादा रहती है। आईसीएफ कोच में एयर ब्रेक का प्रयोग होता है। इस वजह से ब्रेक लगाने पर ट्रेन काफी दूर जाकर रुकती है। जबकि, एलएचबी कोच में डिस्क ब्रेक का प्रयोग होता है। ब्रेक लगाने पर कुछ ही दूरी पर ट्रेन रुक जाती है। एचएचबी रैक को अधिकतम 180 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है।
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एलएचबी और आईसीएफ में बर्थ संख्या

एलएचबी

स्लीपर- 80

थर्ड एसी- 72

सेकंड एसी- 58

फर्स्ट एसी- 22-24

आईसीएफ

स्लीपर- 72

थर्ड एसी- 64

सेकंड एसी- 46

फर्स्ट एसी- 18
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