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नरेंद्र गिरि केस : महंत ने आपत्तिजनक वीडियो जारी होने के भय से लगाई थी फांसी, सीबीआई की चार्जशीट में खुलासा

Wed, 24 Nov 2021 09:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सीबीआई ने 20 नवंबर को आनंद गिरि और मंदिर के मुख्य पुजारी रहे आद्या प्रसाद तिवारी और उसके पुत्र संदीप तिवारी के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने का आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। बता दें कि 20 सितंबर को महंत नरेंद्र गिरि का शव अल्लापुर स्थित मठ बाघंबरी गद्दी स्थित उनके कमरे से एक फंदे से लटकता हुआ मिला था।
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Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि। फाइल फोटो - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष और संगम स्थित लेटे हनुमान मंदिर व मठ बाघंबरी गद्दी के महंत महंत नरेंद्र गिरि ने समाज में बदनामी के भय से फांसी के फंदे पर झूलकर जान दी है। महंत की हत्या नहीं की गई है, न ही उनका सुसाइड नोट फर्जी है। महंद ने आपत्तिजनक वीडियो जारी होने के भय से फांसी लगाकर जान दी है। यह खुलासा सीबीआई ने सीजेएम कोर्ट में जारी अपनी चार्जशीट में कही है। 

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अपने पुराने शिष्य आनंद गिरि के द्वारा फोन पर धमकी देने और महिला के साथ कथित आपत्तिजनक वीडियो जारी करने की चेतावनी के बाद महंत नरेंद्र गिरि भारी तनाव में आ गए थे। इसका उल्लेख उन्होंने अपने सुसाइड नोट में भी किया है, जिस सुसाइड नोट को सीबीआई ने महंत नरेंद्र गिरि का ही माना है।

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Prayagraj News : योग गुरु आनंद गिरि और महंत नरेंद्र गिरि। फाइल फोटो - फोटो : प्रयागराज
फोरेंसिक रिपोर्ट और हैंड राइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने चार्जशीट में यह दावा किया है कि महंत के कमरे से बरामद 14 पन्नों का सुसाइड नोट महंत के द्वारा ही लिखा गया था। आत्महत्या का कारण आनंद गिरि की धमकी के कारण उठा मानसिक तनाव ही था।
 
सुसाइड नोट में महंत ने लिखा था कि नरेंद्र गिरि किसी महिला के साथ उनका फोटो वायरल कर सकता है। इसके बाद वह कहां-कहां सफाई देते फिरेंगे। उनकी काफी बदनामी होगी। इस बदनामी को झेलने से अच्छा मर जाना ही है।
 
सीबीआई ने 20 नवंबर को आनंद गिरि और मंदिर के मुख्य पुजारी रहे आद्या प्रसाद तिवारी और उसके पुत्र संदीप तिवारी के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने का आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। बता दें कि 20 सितंबर को महंत नरेंद्र गिरि का शव अल्लापुर स्थित मठ बाघंबरी गद्दी स्थित उनके कमरे से एक फंदे से लटकता हुआ मिला था। 
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